'आमिर, फ़ाइटर हो, भागो मत, देश न छोड़ो'

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आमिर ख़ान के रामनाथ गोयनका समारोह में दिए गए बयान पर सोशल मीडिया तो मानो तप रहा है.

आमिर ख़ान ने कहा था कि पिछले छह-आठ महीनों में देश में माहौल गड़बड़ हुआ है और उनकी पत्नी किरण राव ने तो देश छोड़ने पर उनसे चर्चा भी की थी.

इसके बाद उन्हें ढेर सारी सलाहें मिल रही हैं, समर्थन भी, विरोध भी और अनगिनत गालियां भीं....

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भारतीय जनता पार्टी सांसद और कई फ़िल्मों में आमिर के साथ काम कर चुके अभिनेता परेश रावल (@SirPareshRawal) ने ट्विटर पर लिखा, "एक सच्चा देशभक्त मुश्किल वक़्त में अपने देश को छोड़कर नहीं जाता. इसलिए भागो मत. आमिर ख़ान एक फ़ाइटर हैं. इसलिए उन्हें देश छोड़ना नहीं चाहिए बल्कि स्थितियां बेहतर करने की दिशा में प्रयास करने होंगे."

पढ़ें- 'सहिष्णुता है तो अनुपम जैसे आमिर को भी बात रखने का हक़ हो'

परेश रावल ने आगे कहा, "आमिर की फ़िल्म पीके से कई हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची. लेकिन देश की बहुसंख्यक हिंदू आबादी के ग़ुस्से का सामना आमिर को नहीं करना पड़ा. बल्कि फ़िल्म सुपरहिट साबित हुई और इसने करोड़ों कमाए."

आमिर के साथी कलाकार अनुपम खेर (@AnupamPkher) ने भी लिखा, "आमिर ख़ान, क्या आपने किरण से पूछा कि वो किस देश में बसना चाहती हैं? क्या आपने उन्हें बताया नहीं कि इस देश ने आपको आमिर ख़ान बनाया?"

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भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा (@sambitswaraj) ने लिखा, "अतुल्य भारत, कभी भी असहिष्णु भारत नहीं हो सकता. हम सब आमिर ख़ान से मोहब्बत करते हैं. इसलिए दिल है कि मानता नहीं कि उन्होंने ये सब कहा."

कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा (@JhaSanjay) का कहना है, "आमिर ख़ान देश के हालात पर अपने परिवार की चिंता व्यक्त करते हैं तो दक्षिणपंथी लोग उन पर चढ़ बैठते हैं. यही बात तो दरअसल आमिर कहना चाह रहे हैं."

फ़िल्म इंडस्ट्री से भी आमिर को समर्थन और विरोध दोनों मिल रहा है.

जैकी श्रॉफ़ ने हमारे सहयोगी आयुष देशपांडे से बात करते हुए कहा, "ये अपनी अपनी सोच है. हर किसी को अभिव्यक्ति की आज़ादी है. हम एक लोकतंत्र में रहते हैं और आमिर ख़ान की सोच एेसी है तो ये उनका मानना है."

वहीं सेंसर बोर्ड के सदस्य और फ़िल्मकार अशोक पंडित की राय है, "अगर आमिर ख़ान देश छोड़ कर जाना चाहते हैं तो ज़रूर जाएं उन्हें किसी ने रोका नहीं है. आमिर भूल गए हैं कि ये वही देश है जहां उन्होंने भगवान का मज़ाक उड़ा कर अपनी फ़िल्म हिट करवाई थी. क्या आप एेसी फ़िल्म पाकिस्तान में बना सकते हैं? मैं बहुत दुखी हूं कि आमिर ने इस तरह की बात कही."

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सोशल मीडिया पर लोगों की बड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. अमित मित्तल लिखते हैं, "लोगों ने आमिर की पत्नी किरण राव की फ़िल्म धोबी घाट नहीं देखी, इसलिए उन्हें देश असहिष्णु लगने लगा."

पीयुष गोडबोले लिखते हैं, "क्या आमिर ख़ान को सीरिया जैसे देश शांतिप्रिय और सहिष्णु नज़र आते हैं."

अश्विन ने लिखा, "दरअसल आमिर की पत्नी किरण राव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलना चाहती हैं, इसलिए उन्होंने देश छोड़ने की बात कही थी, क्योंकि देश में मोदी जी रहते कहां हैं."

पत्रकार वीर सांघवी ने लिखा, "संघ के कंट्रोल रूम, अगर आप अपने फॉलोअर को आमिर पर हमला करने को कहोगे, तो क्या ऐसा करके आमिर को ही सही साबित नहीं कर रहे हो."

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