मैं भी गुज़रा हूं इन हालात से: रहमान

निर्माता निर्देशक सुभाष घई के साथ एआर रहमान. इमेज कॉपीरइट bbc

संगीतकार एआर रहमान ने देश में बढ़ती असहिष्णुता पर फ़िल्म अभिनेता आमिर ख़ान के बयान से सहमति जताई है और कहा है कि कुछ महीने पहले उन्हें भी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा.

गोवा में अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के दौरान मंगलवार को रहमान ने मीडिया से कहा, ''सितंबर में एक मुस्लिम संगठन ने उनके ख़िलाफ़ फ़तवा जारी किया था.''

उनका इशारा ईरानी फ़िल्म 'मोहम्मद : मैसेंजर ऑफ़ गॉड' में संगीत देने की वजह से मुंबई की रज़ा अकादमी की ओर से उनके ख़िलाफ़ जारी फतवे की ओर था. अकादमी ने आरोप लगाया था कि फ़िल्म के शीर्षक से पैग़ंबर मोहम्मद का अपमान हुआ है.

रहमान ने कहा, ''कुछ महीने पहले मैं भी इसी तरह की परिस्थितियों से होकर गुज़रा हूं.''

इमेज कॉपीरइट AFP

उन्होंने कहा, ''कुछ भी हिंसक नहीं होना चाहिए. हम लोग बहुत ही सभ्य लोग है. हमें दुनिया को दिखाना चाहिए कि हम सर्वश्रेष्ठ सभ्यता हैं.''

देश में बढ़ती असहिष्णुता के ख़िलाफ़ कलाकारों की ओर से पुरस्कार वापस किए जाने पर रहमान ने कहा, ''सब कुछ सही तरीके से होना चाहिए. मुझे लगता है कि लोग जो कुछ कर रहे हैं, वह काव्यात्मक है. हमें दुनिया के लिए एक उदाहरण पेश करना चाहिए, क्योंकि हम महात्मा गांधी के देश से आते हैं, जिन्होंने दिखाया था कि कैसे कोई क्रांति बिना किसी तरह की हिंसा के हो सकती है.''

रज़ा अकादमी के फतवे के बाद रहमान को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में तय अपने कार्यक्रम रद्द करने पड़े थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार