स्वतंत्र नहीं होगा नया लोकपाल: प्रशांत

  • 30 नवंबर 2015
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आम आदमी पार्टी (आप) के निष्कासित और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण दिल्ली सरकार के लोकपाल बिल का विरोध कर रहे हैं.

वो बताते हैं कि दिल्ली की कैबिनेट ने जिस बिल को पास किया है, वह लोकपाल पुराने लोकपाल बिल से अलग कैसे है.

लोकपाल आंदोलन का मक़सद भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक ऐसी संस्था बनाना था जो कि सरकार से स्वतंत्र हो. क्योंकि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए जो संस्थाएं हैं, उनका किसी न किसी रूप में सरकार से संबंध है.

लोकपाल का नियंत्रण और चयन पूरी तरह से सरकार और संसद से अलग रखना था.

हमने लोकपाल का जो ड्राफ़्ट तैयार किया था, उसमें लोकपाल की चयन समिति में एक आदमी सरकार का, दो राजनेता और पांच स्वतंत्र लोग शामिल किए जाने थे.

अब दिल्ली की आप सरकार जो बिल लेकर आई है, उसमें चार में से तीन राजनेता हैं और उनमें से दो सरकार के हैं.

इसका मतलब यह हुआ कि सरकार की इजाज़त के बिना बिना कोई लोकपाल बना नहीं सकते हैं.

पहले वाले ड्राफ़्ट में लोकपाल को हटाने के लिए इस बात का प्रावधान था कि जब तक हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट लोकपाल को हटाने के नतीजे पर ना पहुंचे तब तक, उसे नहीं हटाया जा सकता था.

लोकपाल को हटाने का अधिकार सरकार और संसद के पास नहीं था. लेकिन अब जो लोकपाल लाया गया है, उसमें दिल्ली विधानसभा दो-तिहाई बहुमत से लोकपाल को हटा सकती है.

पिछले लोकपाल में स्वतंत्र जांच एजेंसी बनाने और सीबीआई को अपने अधिकार में लाने की बात थी. लेकिन नए लोकपाल बिल में लोकपाल सरकारी जांच एजेंसी से जांच कराएगा.

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आप सरकार की ओर से लाए गए लोकपाल बिल में प्रावधान है कि केंद्र सरकार के मंत्री के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच दिल्ली का लोकपाल करेगा.

जबकि पुराने लोकपाल में केंद्र के मंत्री के ऊपर लगे आरोपों की जांच केंद्र के लोकपाल के अधीन थी. राज्य के मंत्री के ऊपर लगे आरोपों की जांच राज्य के लोकपाल के अधीन थी.

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल की सरकार ने यह जान-बूझकर किया है, क्योंकि उन्हें पता है कि दिल्ली का कोई भी क़ानून केंद्र सरकार के अनुमोदन के बिना पास नहीं हो सकता है.

दिल्ली सरकार को पता है कि केंद्र सरकार कभी अनुमोदीत करेगी नहीं और वो यह कह सकेंगे कि हमने तो पास कर दिया लेकिन केंद्र सरकार नहीं करती है तो हम क्या करें.

(प्रशांत भूषण से बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी की बातचीत पर आधारित)

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