'सही माहौल में ही गाया, बजाया जाए राष्ट्रगान'

  • 2 दिसंबर 2015
मुंबई, सिनेमा में राष्ट्रगान पर बवाल इमेज कॉपीरइट

मुंबई के एक सिनेमा हॉल में कथित तौर पर राष्ट्रगान के दौरान खड़े न होने वाले एक परिवार के साथ हुए बर्ताव का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

इस वीडियो को यू-ट्यूब से हटा लिया गया है लेकिन इसमें दिखता है कि भीड़ में खड़े लोग कैसे सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान के दौरान सीटों पर बैठे हुए कुछ लोगों पर चिल्ला रहे हैं.

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर राष्ट्रगान और देशभक्ति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है.

लेकिन सवाल यह है कि कानून इस मसले पर क्या कहता है, यह समझने के लिए बीबीसी संवाददाता विनीत खरे ने जाने-माने वकील और राज्यसभा में मनोनीत सांसद केटीएस तुलसी से बात की.

सिनेमा हॉल में बजना चाहिए राष्ट्रगान?

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Image caption एक ही समय में सबसे अधिक लोगों के राष्ट्रगान गाने के भारत के रिकॉर्ड को बांग्लादेश ने मार्च, 2014 में तोड़ दिया.

अगर हम ग़लत माहौल में राष्ट्रगान को चला देंगे तो ऐसी ही मुश्किलें सामने आएंगी. राष्ट्रगान को सिनेमा हॉल में बजाने की कोई ज़रूरत नहीं है.

आप वहां मनोरंजन के लिए जाते हैं और अभी हमारे देश में युद्ध नहीं चल रहा है. कोई ऐसी आपात स्थिति नहीं है कि आप राष्ट्रगान को सिनेमा हॉल में बजाना शुरू करें.

आदर करना आवश्यक है इसीलिए राष्ट्रगान को ऐसी जगह पर बजाना चाहिए जहां पूरी तरह अनुशासन कायम रखा जा सके, और उसका आदर हो सके.

कानून क्या कहता है?

राष्ट्रगान के आदर की बात है. अगर आप वर्दी में हैं तो सलामी देंगे, अगर आप वर्दी में नहीं हैं तो सावधान खड़े हो जाएंगे और साथ में गाएंगे.

समस्या कई बार इसलिए होती है कि जगह और माहौल का चुनाव ठीक नहीं होता. अगर आप क्रिकेट स्टेडियम में राष्ट्रगान बजा देंगे तो भी समस्या हो जाएगी.

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Image caption सोशल मीडिया पर राष्ट्रगान पर खड़े होने की बात पर बहस गर्म है.

इसलिए हमें सोच-समझ कर, जहां हम इसकी मर्यादा को कायम रख सकते हैं, वहीं बजाना चाहिए.

सत्तर के दशक तक सिनेमाहॉल में राष्ट्रगान बजता था, बंद क्यों हुआ?

उस समय हमारे देश में संकट था. पड़ोंसियों के साथ हमारी लड़ाई हुई थी इसलिए देशप्रेम की भावना ज़ोर मार रही थी.

आपातकाल में या युद्ध जैसी स्थितियों में तो हम कर सकते हैं लेकिन सामान्य समय में ऐसा करने का कोई औचित्य नहीं.

राष्ट्रगान देश का प्रतीक है और इसकी गरिमा बनाए रखना सरकार की भी ज़िम्मेदारी है.

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Image caption ट्विटर पर लोग इसके पक्ष और विपक्ष दोनों में तर्क दे रहे हैं.

इसलिए सरकार को यह ख़्याल रखना चाहिए कि इसे वहीं गाया जाए जहां माहौल ठीक हो.

खड़े न होना कानून का उल्लंघन नहीं?

राष्ट्रगान की मर्यादा कायम रखनी चाहिए. लेकिन अगर इस बच्चे (उल्लिखित वीडियो में) अगर मर्यादा भंग नहीं की, राष्ट्रगान चल रहा है और वे बच्चे अगर बैठे भी रहे तो इस पर कोई आपत्ति होनी नहीं चाहिए.

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