'असली गंदगी सड़कों पर नहीं, हमारे दिमाग में है'

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राष्ट्रपति प्रणव मखर्जी ने समाज के विभाजन पर चेतावनी देते हुए अहमदाबाद में कहा कि 'असली गंदगी हमारे दिमाग में है.'

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में एक कार्यक्रम में बोलते हुए प्रणव मुखर्जी ने समाज में बराबरी के गांधी जी के दृष्टिकोण को याद किया.

उन्होंने कहा, "भारत की असली गंदगी सड़कों पर नहीं, बल्कि हमारे दिमाग में है और उन विचारों को न छोड़ पाने में है जो समाज को 'वो' और 'हम' में बांटते हैं."

स्वच्छ भारत अभियान का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''हमें अपने दिमाग की सफाई की शुरुआत भी करनी होगी.''

तीन दिन के अहमदाबाद दौरे पर गए प्रणव मुखर्जी ने कहा कि मानवता का आधार एक दूसरे पर भरोसा करना है.

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उन्होंने कहा, " हर रोज़ हम अपने आस-पास अभूतपूर्व हिंसा देख रहे हैं, हिंसा के मूल में अंधकार, डर और अविश्वास हैं. "

साबरमती आश्रम में बोलते हुए राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा, "सार्वजनिक जीवन में संवाद हर तरह की हिंसा से रहित होना चाहिए- शारीरिक भी और मौखिक भी.... हम हिंसा से निपटने के नए तरीके अपनाते हैं लेकिन इससे पहले हमें अहिंसा, तर्क और बातचीत की ताकत को नहीं भूलना चाहिए.''

इससे पहले भी प्रणव मुखर्जी दादरी में गोमांस खाने की अफ़वाह पर अख़लाक की हत्या के मामले पर भी बोल चुके हैं.

स्वच्छ भारत अभियान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब तक मल उठाने की अमानवीय प्रथा देश में चलती रहेगी, हम स्वच्छ भारत हासिल नहीं कर सकते.

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