'नफ़रत' फैलाने वालों की ख़ैर नहीं: राजनाथ

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गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा है कि देश में सामाजिक और धार्मिक समरसता बिगाड़ने वालों की अब ख़ैर नहीं है.

संसद में संविधान के निर्माता भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ असहिष्णुता पर बहस भी हुई है.

इस मौके पर लोकसभा में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "मैं गृह मंत्री के तौर पर और अपने प्रधानमंत्री की तरफ़ से भी, इस देश को विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि सामाजिक और धार्मिक समरसता को यदि कोई बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसकी ख़ैर नहीं है."

राजनाथ सिंह ने विपक्ष के आरोप और असहिष्णुता के मुद्दे पर कलाकारों-लेखकों की आपत्तियों के सिरे से ख़ारिज किया.

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उन्होंने कहा, "हमारी परंपरा में सहिष्णुता है. हम किसी के दबाव में सहिष्णु नहीं हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को धूमिल मत कीजिए. भारत की ऐसी छवि बनागी तो क्या दूसरे देशों से कोई भारत में इन्वेस्टमेंट करना चाहेगा?"

अपने भाषण के दौरान ख़ासे आक्रामक तेवर दिखाते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जो लोग मुल्क में बढ़ती असहिष्णुता की बात कर रहे हैं, वो ये आरोप पार्टी और सरकार पर नहीं बल्कि भारतीय समाज पर आरोप लगा रहे हैं.

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि जिन्होंने अवार्ड वापस किए, उनमें से कई ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बयान में कहा था कि 'नरेंद्र मोदी फ़ासिस्ट हैं.'

गृह मंत्री का कहना था कि अब उनका असहिष्णुता का मुद्दा उठाने का मतलब है कि वो जनमत का भी आदर नहीं करना जानते हैं.

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