चेन्नई में बारिश ने फिर हालत ख़राब की

  • 2 दिसंबर 2015
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चेन्नई में लगातार दो दिन से हो रही बारिश से बुधवार को थोड़ी राहत मिलने के बाद फिर से बारिश शुरू हो गई है.

इससे पहले मौसम विभाग ने शाम से फिर भारी बारिश का अनुमान लगाया था.

भारी बारिश के कारण चेन्नई के चार ज़िलों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में चेन्नई में 30 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई.

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तटरक्षक बल ने बारिश से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 17 जवानों की एक टीम के साथ रबड़ वाली नौकाएं तैनात किए गए हैं.

तटरक्षक बल का दल चेन्नई नगर निगम और पुलिस के साथ मिलकर फिलहाल राहत कार्य चला रहा है.

सभी भारतीय तटरक्षक बल की ईकाइयों को बचाव और राहत कार्य के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है.

चेन्नई एयरपोर्ट पर पानी भर जाने के कारण कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. चेन्नई आने वाली उड़ानों को हैदराबाद, बेंगलूरु और विजयवाड़ा भेजा जा रहा है.

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चेन्नई एयरपोर्ट के निदेशक के मुताबिक़ अभी सभी विमान सेवाएं रद्द कर दी गई हैं. एयरपोर्ट पर अभी भी पानी भरा हुआ है. हज़ारों की संख्या में यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं.

एयरपोर्ट खोले जाने को लेकर फ़ैसला गुरुवार को किए जाने की उम्मीद है.

चेन्नई में भारी बारिश से पैदा हालात से निपटने के लिए सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा बल की पांच टीमें मौजूद हैं.

आंध्र प्रदेश के गुंटुर और बेंगलूरु के राष्ट्रीय आपदा बल की टीमें भी चेन्नई पहुंच रही हैं. दिल्ली और असम की टीमों को भी तैयार रहने को कहा गया है.

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एनडीएमए के सलाहकार (ऑपरेशंस) मेजर जनरल अनुराग गुप्ता ने बीबीसी संवाददाता अनुराग शर्मा से बात करते हुए कहा, "राहत कार्य जोर-शोर से चल रही है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की 15 टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है."

उन्होंने बताया कि राहत कार्य में संचार साधनों की कमी की वजह से दिक्कतें आ रही है लेकिन हम लगे हुए हैं.

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बारिश की वजह से ट्रेन और बस सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. अलग-अलग जगहों पर फंसे लोग असहाय महसूस कर रहे हैं.

बस के जरिए चेन्नई शहर में प्रवेश करना बेहद कठिन हो गया है. सड़कों पर पानी के तेज़ बहाव के कारण गाड़ियों का चलना भी बहुत मुश्किल हो रहा है. कई ट्रेनों के रद्द होने के कारण हज़ारों यात्री कई रेलवे स्टेशन पर फंसे हुए हैं. कई ट्रेनों के रास्ता बदल देने के कारण भी यात्रियों को परेशानी हो रही है.

पिछले शाम से तंबरम में फंसे सरकारी कर्मचारी एस विश्वनाथन कहते हैं कि जब स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं तो सरकारी दफ़्तरों, फ़ैक्ट्रियों और अन्य दफ़्तरों को बंद क्यों नहीं किया जा रहा? जबकि वह देख रहे हैं कि सबकुछ पानी में है और बाहर निकलना कितना कठिन है.

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उनकी तरह कई लोग ऐसे हैं जो मंगलवार की शाम से अब तक अपने घर नहीं पहुंच पाए हैं.

वरिष्ठ पत्रकार इमरान क़ुरैशी ने बताया कि बारिश की वजह से 1878 से लगातार प्रकाशित हो रहे प्रमुख अंग्रेजी अख़बार 'द हिंदू' प्रकाशित नहीं हो पाया.

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हिंदू अख़बार के प्रकाशक कस्तूरी एंड सन्स के सह-अध्यक्ष एन मुरली ने बीबीसी को बताया, ''बारिश के कारण हमारे 137 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि हम अख़बार नहीं निकाल पाए.''

मुरली ने बताया कि मरियामलाइनागर शहर से 30 किलोमीटर दूर हिंदू का प्लांट है जहां पानी भर गया था. उनके अनुसार प्लांट चलाने वाले कर्मचारी बारिश के कारण वहां पहुंच ही नहीं पाए.

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