ब्रितानी कोर्ट में 'राम' तलब

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आठ साल के राम को गुजरात हाईकोर्ट में पेश किया गया था. छोटे से राम को पता ही नहीं था कि उसे कोर्ट क्यों लाया गया है, लेकिन जब उसकी नज़र अपने पिता सवदास पर पड़ी तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.

ब्रिटेन के लीसेस्टर में टैक्सी चलाने वाले सवदास गुजरात के पोरबंदर के हैं.

1998 में वे रोज़गार के सिलसिले में लंदन गए और टैक्सी चलाने लगे. 2006 में पोरबंदर की हिना के साथ उनकी शादी हुई.

शादी के बाद सवदास और हिना लीसेस्टर आ गए लेकिन जल्द ही उनके बीच अनबन शुरू हो गई.

2013 में सवदास अपनी टैक्सी लेकर काम पर निकले और हिना अपने बेटे राम को लेकर घर से निकल गईं.

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जब राम स्कूल नहीं पहुंचा तो संचालकों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पहले तो पुलिस को सवदास पर शक था, लेकिन जांच के बाद पता चला कि हिना राम को लेकर भारत में गुजरात के पोरबंदर पहुंच चुकी हैं.

जब मामला बरतानवी कोर्ट के सामने आया तो कोर्ट ने राम को पेश करने के लिए समन भेजे.

तीन बार आदेश जारी होने के बाद भी हिना लीसेस्टर नहीं आईं.

आख़िरकार सवदास ने गुजरात हाईकोर्ट के वकील अमित कोटक द्वारा हैबियर्स कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) पिटीशन फ़ाइल की.

दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस एमआर शाह और केजे ठाकर ने हिना को आदेश दिया कि छुट्टियों में राम को ब्रिटेन की कोर्ट में पेश किया जाए.

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