सोनू को मिली 'इच्छा मृत्यु'

बीमार भालू इमेज कॉपीरइट rajesh chaturvedi

भारत में इंसानों के लिए इच्छा मृत्यु की अनुमति भले न मिल पाई हो मगर 33 साल के हिमालयी भालू 'सोनू' के लिए अधिकारियों की यह मांग सरकार ने मान ली.

सोनू को शनिवार 11 बजे गहरी नींद का इंजेक्शन दे दिया गया जिसके बाद उसकी मौत हो गई.

सोनू इंदौर के चिड़ियाघर, कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में पिछले ढाई साल से बेहद तकलीफ़ भरी ज़िंदगी बिता रहा था.

सोनू को लकवा मार गया था. काफी इलाज के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती ही गई.

उसकी हालत देखकर चिड़ियाघर प्रबंधन और उसकी सेवा में लगे स्टाफ की सलाह पर करीब दो माह पूर्व चिड़ियाघर प्रबंधन ने सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी के पास दया याचिका लगाकर इच्छा मृत्यु की मांग की थी.

चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने सोनू की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सुबह 11 बजे सोनू को नींद का इंजेक्शन दे दिया गया था जिसके बाद वह सो गया.

उसके शरीर का पोस्टमार्टम कर लिया गया है और अब उसके शरीर को जलाने या दफ़नाए जाने के लिए वाइल्ड लाइफ विभाग से अनुमति का इंतज़ार है.

45 साल पुराने इंदौर चिड़ियाघर और मध्यप्रदेश के इतिहास में इच्छा मृत्यु का यह पहला मामला है. चिड़ियाघर परिसर में ही सोनू का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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