'जजों को सम-विषम योजना से दिक्कत नहीं'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के इस बयान का स्वागत किया है कि उन्हें दिल्ली में सम-विषम गाड़ियां चलाने की योजना पर कोई परेशानी नहीं है.

रविवार को केजरीवाल ने कहा, "अगर सुप्रीम कोर्ट के जज कारपूलिंग करेंगे तो ये हज़ारों लोगों के लिए प्रेरणादायक होगा. लोग सोचेंगे कि अगर सुप्रीम के जज कर सकते हैं तो हम भी कर सकते हैं."

पिछले दिनों ही दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि राजधानी में एक दिन सम तो दूसरे दिन विषम नंबर की गाड़ियां चलेंगी.

इस तरह नंबर के आख़िर में 1,3,5,7 और 9 विषम संख्या वाली गाड़ियां एक दिन चलेंगी, जबकि 0,2,4,6 और 8 सम संख्या वाली गाड़ियां दूसरे दिन चलेंगी.

दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए इस योजना को ज़रूरी बता रही है जबकि कई लोग इस योजना को अव्यवहारिक बता कर इसका विरोध कर रहे हैं.

केजरीवाल कह चुके हैं कि अगर इस योजना से ज्यादा दिक्कतें हुईं तो इसे वापस लिया जा सकता है.

इमेज कॉपीरइट PTI
Image caption मुख्य न्यायाधीश ने दिल्ली सरकार की योजना का समर्थन किया

लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने रविवार को अपने निवास पर कुछ पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें सम-विषम नंबर की गाड़ियां चलाने से कोई दिक़्क़त नहीं है.

दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने इस बयान का स्वागत किया.

उन्होंने कहा, "ये स्वागतयोग्य और ज़िम्मेदारीपूर्ण बयान है. और जिस तरह दिल्ली के लोगों की पल-पल की सांस ज़हरीली हो रही है, उससे निपटने में इस बयान से काफ़ी मदद मिलेगी."

दूसरी तरफ़ इस योजना का विरोध भी जारी है. समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल कहते हैं कि दिल्ली में अभी इस तरह की चीज़ों को लागू करना बड़ी दूर की कौड़ी है.

उन्होंने कहा, "इससे ग़रीबों पर बोझ पड़ेगा. अमीर आदमी तो सम और विषम, दोनों नंबर की गाड़ी ख़रीद लेगा. लेकिन उस ग़रीब से पूछिए जो मोटरसाइकल पर चलता है, स्कूटर पर चलता है."

इमेज कॉपीरइट bbc

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार