जांच से इनकार नहीं किया: अख़लाक़ का परिवार

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उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाक़े में गोमांस खाने की अफवाह के बाद हुए हमले में मारे गए मोहम्मद अखलाक़ के परिजनों का कहना है कि वो इंसाफ़ के लिए हर दरवाज़ा खटखटाएंगे.

बीबीसी से बात करते हुए अखलाक़ के सबसे बड़े बेटे सरताज ने कहा कि उनके परिवार ने कभी यह नहीं कहा कि मामले की जांच सीबीआई से नहीं करवानी चाहिए.

भारतीय वायु सेना में कार्यरत सरताज का कहना था कि उनका परिवार उत्तर प्रदेश पुलिस की चार्जशीट का इंतज़ार कर रहा है.

इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि परिवार अब इस मामले में और जांच नहीं चाहता है.

सरताज कहते हैं, "पुलिस ने हमारे परिवारवालों के बयान दर्ज कर लिए हैं. गवाहों के भी बयान दर्ज हो चुके हैं. परिवार ने जांच कर रहे पुलिस के अधिकारियों को बता दिया है कि उस दिन हमले में कौन लोग शामिल थे. अब देखना है कि आरोप पत्र में पुलिस अभियुक्तों को बचाने का काम करती है या फिर उनके ख़िलाफ़ सुबूत पेश करती है."

सरताज के छोटे भाई दानिश इस हमले में बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए थे और दो महीनो तक चले इलाज के बाद अब वो पुलिस को बयान देने की स्थिति में आ गए हैं.

चूंकि वो घटना के चश्मदीद हैं इसलिए उनके बयान पर बहुतकुछ निर्भर करता है. हालांकि पुलिस ने उनका बयान दर्ज तो किया है मगर अभी वो पूरा नहीं हो पाया है.

सरताज का परिवार अब दादरी में नहीं रहता क्योंकि वायुसेना प्रमुख की पहल के बाद उन्हें एयर फ़ोर्से स्टेशन में सरकारी आवास आवंटित हो गया है, मगर दादरी में जो कुछ हुआ वो उनके दिल दिमाग से उतनी आसानी से मिट नहीं सकता.

इसी लिए वो घटना के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए हर दरवाज़े पर जाना चाहते हैं.

सरताज ने कहा, "हम राष्ट्रपति के पास तक अपनी गुहार लेकर जाएंगे. सीबीआई की जांच की मांग करेंगे अगर हमें लगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस घटना में शामिल लोगों को बचाने का काम कर रही है. फिलहाल हम उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट हैं इस लिए सीबीआई से जांच की मांग नहीं कर रहे हैं."

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