नेशनल हेरल्ड मामला बदले की कार्रवाईः राहुल

  • 8 दिसंबर 2015
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Image caption सोनिया गांधी ने कहा है कि वो डरने वाली नहीं है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नेशनल हेरल्ड मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहा है.

समाचार पत्र नेशनल हेरल्ड से जुड़ी वित्तीय मदद के बारे में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने वर्ष 2012 में एक याचिका दायर की थी और कांग्रेस के नेताओं पर 'धोखाधड़ी' का आरोप लगाया था.

अब मामले की सुनवाई 19 दिसंबर को होगी और राहुल, सोनिया को उस दिन अदालत में पेश होना है.

पढ़ें - क्या है नेशनल हेरल्ड का मामला?

लेकिन इस दौरान जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पूरे मामले को रोजानीतिक बदले की कार्रवाई कहा है, वहीं सरकार ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे अदालती कार्रवाई बताया है. संसद को दोनों सदनों में भी कांग्रेस के सांसदों ने इस मुद्दे पर हंगामा किया है और कई बार दोनों सदनों की कार्रवाई में रुकावट पड़ी है.

पुडुचेरी में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल ने कहा, "मैं इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई के रूप में ही देख रहा हूँ. केंद्रीय सरकार इसी तरह काम करती है और वो इसी तरह चीज़ों को देखती है."

राहुल ने कहा, "मैं सरकार से वही सवाल पूछता रहूंगा जो मैं पूछ रहा हूँ. मैं सरकार पर दबाव डालता रहूंगा और अपना काम करता रहूंगा."

Image caption स्वामी का कहना है कि इस मामले में सोनिया गांधी को जेल जाना पड़ सकता है.

इस मामले के राजनीति से प्रेरित होने के सवाल पर सोनिया गांधी ने एनडीटीवी से कहा, "मैं इस मामले को कोर्ट पर छोड़ती हूँ, कोर्ट फ़ैसला करे."

क्या सोनिया गांधी परेशान हैं, इस पर उन्होंने कहा, "मैं इंदिरा गांधी की बहू हूँ और मैं किसी से नहीं डरती हूँ."

वहीं मामले को अदालत में ले जाने वाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि दोषी पाए जाने पर सोनिया गांधी को कम से कम दस साल के लिए जेल जाना होगा.

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Image caption संसद में जेटली ने कहा कि ये मामला अदालत का है इसलिए अदालत के समक्ष ही रखा जाए.

नेशनल हेरल्ड मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में ज़बरदस्त हंगामा हुआ. राज्यसभा में आज कोई भी काम नहीं हो सका और कार्रवाई को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

कांग्रेस नेताओं ने राज्यसभा और लोकसभा में 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाए.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में कहा, “ये मामला अदालत ने उठाया है और संसद ने नहीं उठाया है. आपको जो कहना है वो अदालत के समक्ष जाकर रखिए. यदि मामला संसद में उठाया जाता है तो हम पूरे मामले पर बहस के लिए तैयार हैं.”

जेटली ने कहा, "समाजवादी पार्टी या बहुजन समाजवादी पार्टी के ख़िलाफ़ कार्रवाई कांग्रेस के ज़माने में की जाती थी. हम ऐसा नहीं करते हैं."

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा, "बीजेपी स्पष्ट करती है कि हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है. ये पूरी तरह अदालती प्रक्रिया है. सब कुछ अदालत के सामने है. इसमें सरकार की कोई भी भूमिका नहीं है."

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