बीफ़, असहिष्णुता जैसे शब्दों का कैसे चढ़ा ग्राफ़?

  • 11 दिसंबर 2015
शब्द

अगर आप समाचार पत्र पढ़ते हैं, टीवी देखते हैं और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर वक़्त बिताते हैं तो आपने महसूस किया होगा कि गाय, बीफ़, मांस, दंगा, असहिष्णुता जैसे शब्द बार-बार आपके सामने आ रहे हैं.

क्या आपको सिर्फ़ ऐसा लग रहा है या वाक़ई में ऐसा है ही?

इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए हमने गूगल सर्च की मदद ली और पाया कि इनमें से कुछ शब्दों के इस्तेमाल में बीते कुछ महीनों में इज़ाफ़ा हुआ है.

गूगल ट्रेंड्स सर्च से हम ये जान सकते हैं कि एक निश्चित समय के दौरान किसी शब्द को खोजने में लोगों की कितनी रुचि रही.

गूगल सर्च की संख्या के आधार पर ये ग्राफ़ बनाता है, आप देख सकते हैं कि कुछ शब्दों का ग्राफ़ अचानक ऊपर गया है.

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Image caption गाय शब्द की बिहार चुनावों के दौरान ख़ूब चर्चा हुई. ग्राफ़ में दिख रहा ये उछाल इसी दौरान का है.
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Image caption मार्च में बीफ़ शब्द खोजने में किसी की रुचि नहीं थी. लेकिन अचानक सितंबर में इस शब्द के प्रति लोगों में रुचि पैदा हुई. इसी महीने दादरी हत्याकांड हुआ था जब बीफ़ की अफ़वाह पर अख़लाक़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. ग्राफ़ में जो पहला उछाल दिख रहा है यह उस वक़्त का है जब महाराष्ट्र सरकार ने बीफ़ पर पूर्ण प्रतिबंध का ऐलान किया था.
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Image caption बीफ़ अंग्रेज़ी का शब्द है जो हिंदी में भी इस्तेमाल होता है लेकिन हिंदी में इसके लिए गौमांस शब्द का प्रयोग होता है. यदि मांस शब्द के ग्राफ़ को देखा जाए तो यह लगभग बीफ़ शब्द के ग्राफ़ जैसा ही दिखता है. इस साल से पहले तक ये शब्द ना विमर्श का हिस्सा था ना ही लोगों की इसमें रुचि थी.
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Image caption 2013 से पहले तक मुसलमान शब्द को गूगल पर खोजने में लोगों की कोई रूचि नहीं दिखती लेकिन उसके बाद से ये लगातार बढ़ रही है. लोग ज़्यादा से ज़्यादा मुसलमानों के बारे में जानना चाहते हैं. या ये भी कहा जा सकता है कि समाचारों में मुसलमान शब्द का इस्तेमाल ख़ूब हो रहा है.
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Image caption सितंबर 2013 में मुज़फ़्फ़रनगर में दंगे हुए थे और यही वो समय था जब इस बारे में जानने में लोगों की सबसे ज़्यादा रूचि थी. वर्ष 2015 में भी यही ट्रेंड जारी रहा.
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Image caption लव जिहाद भी एक ऐसा ही शब्द है जिसमें लोगों की रूचि अचानक पैदा होती है. ग्राफ़ में जो उछाल है, ये उस वक़्त का है जब मेरठ के ख़रख़ौदा का चर्चित 'लव जिहाद' मामला सामने आया था.
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Image caption यूपीए-2 के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा था और यह समाचारों में छाया रहता था. ग्राफ़ में जो उछाल दिख रहा है वो अन्ना हज़ारे के आंदोलन के वक़्त का है. लेकिन इसके बाद से ये लगातार गिरता गया.
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Image caption विकास शब्द का इस्तेमाल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषणों में करते रहे हैं और शायद यही वजह है कि लोगों की विकास से जुड़ी जानकारियां सर्च करने में रूचि रही है.

(सभी डेटा और ग्राफ़ गूगल से)

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