'एक्सीडेंट करे हो कि करामात करे हो!'

  • 11 दिसंबर 2015

सलमान ख़ान को 'हिट एंड रन' मामले में बरी किए जाने पर लोगों ने अलग-अलग तरीक़े से प्रतिक्रिया जताई है.

बड़ी तादाद में लोगों ने बीबीसी हिंदी और फ़ेसबुक के दूसरे पेजों पर टिप्पणियां की हैं. कुछ ने सलमान पर व्यंग्य किया है तो कुछ ने न्याय प्रणाली पर सवालिया निशान लगाए हैं और कुछ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छींटाकशी की है.

प्रशांत के राय ने निहायत ही मज़ाकिया लहज़े में ‘फ्राइडे क्विज़’ पोस्ट कर डाला. इसमें सवाल किया गया है, ''बगैर ड्राइवर के चलने वाली गाड़ी से पहला हादसा कौन सा था और इसमें किसकी मौत हुई थी?''

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इसका उत्तर भी उतना ही दिलचस्प है. ''मुंबई 2002, अभिनेता सलमान ख़ान के नाम रजिस्टर्ड लैंड क्रूज़र गाड़ी. केस स्टडी: फुटपाथ पर जिसकी मौत हुई बनाम बॉलीवुड सुपरस्टार.''

अमित ठाकुर ने भी ऐसी ही पोस्ट की: "न सीट पे कोई ड्राइवर, न टायर को कोई दाग़, आप एक्सिडेंट करे हो कि करामात करे हो."

मृत्युजंय प्रभाकर ने लिखा: हम कहते थे न कि पतंगबाजी बहुत काम की चीज़ है.

अमित नामदेव ने लिखा, ''दरअसल, सलमान की गाड़ी काला हिरण चला रहा था और लोगों को कुचलकर मारने की आत्मग्लानि में उसने ख़ुद की खोपड़ी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली. सलमान तो बेक़सूर है.''

मोहम्मद सलीम की टिप्पणी थी, ''मोदी जी मुबारक! आपके साथ पतंग उड़ाने वाला आपका पसंदीदा कलाकार क़ातिल बरी हो गया. देश के अंधे क़ानून ने हत्यारे को बरी कर दिया.''

नागेश खरे इनटॉलरेंट लिखते हैं, ''समरथ को नहि दोस गोसाईं''

श्रीजित राय ने लिखा, ''सलमान बरी हो गया तो ये बोलेंगे कि मोदी के साथ पतंग उड़ाया, सलमान को सज़ा हो जाती तो बोलते कि वो मुसलमान है, इसलिए सज़ा हो गई.”

शाहिद आदम ने लिखा, ''2002 के नरसंहार के लिए साहेब दोषी नहीं तो 2002 हिट एंड रन के लिए सलमान दोषी क्यों होंगे?''

चंद्रेश यादव के मुताबिक़, ''कांस्टेबल रवींद्र पाटिल ने सलमान को गाड़ी चलाते देखा था. उसे बयान बदलने के लिए करोड़ रुपए का लालच दिया गया, उस पर दवाब बनाया गया, नौकरी से निकाल दिया गया. वह डिप्रेशन का शिकार हो गया और उसे भीख मांगने को मजबूर होना पड़ा.''

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