भारत-पाक रिश्ते: सुषमा ने रखी 5 ख़ास बातें

  • 14 दिसंबर 2015
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भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में हंगामे के बीच अपनी पाकिस्तान यात्रा और भारत-पाक द्विपक्षीय संबंधों पर अपनी बात रखी है.

सोमवार को सदन में जैसे ही उन्होंने अपनी पाकिस्तान यात्रा के बारे में बयान शुरू किया, विपक्ष ने खूब शोर मचाया. लेकिन फिर भी उन्होंने अपना बयान जारी रखा.

सुषमा स्वराज ने अपने बयान में ये 5 बातें रखी हैं-

1. भारत सरकार की प्राथमिकता देश की सुरक्षा है. पाकिस्तान के साथ बातचीत के दो उद्देश्य हैं- पहला ये कि उन मुद्दों पर साकारात्मक बातचीत करनी है, जिन पर चिंताएं हैं. दूसरा, आपसी सहयोग और तालमेल बढ़ाने की संभावनाओं को तलाशना है.

2. अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर इस्लामाबाद में हुई बैठक में अफ़ग़ानिस्तान से भारत तक पाकिस्तान के रास्ते सीधे आवागमन की सुविधा की बात उठी. इसके अलावा उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति और विकास के लिए आत्मविश्वास और परिपक्वता के साथ काम करने की जरूरत पर बल दिया.

3. सुषमा ने राज्यसभा में दिए बयान में भारत-पाक प्रधानमंत्रियों के बीच जुलाई, 2015 में उफा की बैठक में हुई बातचीत का ब्यौरा भी दिया. इसके मुताबिक दोनों देशों के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच आतंकवाद सहित सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार हुए. उफा में पाक पीएम ने भारतीय पीएम को इस्लामाबाद में 2016 में होने वाले सार्क सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया.

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4. नरेंद्र मोदी और नवाज़ शरीफ़ के बीच पेरिस में जलवायु परिवर्तन की बैठक के दौरान भी दोनों ने इलाके में शांति के महत्व को स्वीकार किया है.

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5. नवाज़ शरीफ़ और सरताज़ अजीज के साथ बातचीत अच्छी रही है. दोनों देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ क़दम उठाने के लिए तैयार हैं. पाकिस्तान को मुंबई धमाकों के मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए.

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