'कांग्रेस ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन बन गई सीबीआई'

  • 15 दिसंबर 2015
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीबीआई संबंधित ट्वीट इमेज कॉपीरइट Other

मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली सचिवालय समेत कई जगहों पर छापे मारे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय पर छापेमारी के बाद से बेहद तीखे बयान दिए जा रहे हैं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'कायर और मनोरोगी' तक कह दिया.

उधर केंद्र सरकार और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का तर्क है कि सीबीआई पूरी तरह स्वतंत्र है और छापेमारी में सरकार की कोई भूमिका नहीं है.

लेकिन यही बीजेपी जब विपक्ष में थी तब उसके वरिष्ठ नेता सीबीआई पर सरकारी प्रभाव की बातें करते थे.

स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2013 को एक ट्वीट में कहा था, "सीबीआई कांग्रेस ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन बन गई है. राष्ट्र को इसमें भरोसा नहीं है. मैं केंद्र सरकार से कहता हूँ कि हमें सीबीआई का डर न दिखाए."

पढ़ें सीबीआई के बारे में पहले क्या कहते रहे हैं भाजपा नेता

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Image caption एक ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, "मैडम कहती हैं कि बीजेपी संस्थानों का सम्मान नहीं करती है. आपातकाल के लिए कौन ज़िम्मेदार था. सीबीआई का दुरुपयोग हुआ है. सीबीआई और आईबी के बीच तनाव और बहुत कुछ यूपीए शासनकाल में हुआ है."
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Image caption 5 जून 2013 को किए इस ट्वीट में नरेंद्र मोदी ने कहा था, "यह दुखद है कि राजनीतिक विपक्षियों पर निशाना साधने के लिए केंद्र सीबीआई से आईबी अधिकारियों की पूछताछ करवाकर सरकार ख़ुफ़िया तंत्र को कमज़ोर कर रही है."
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Image caption 5 दिंसबर 2012 को किए गए इस ट्वीट में मोदी ने कहा था, "कांग्रेस राष्ट्र को विदेशियों को सौंप रही है. ज़्यादातर पार्टियां एफ़डीआई के विरोध में हैं लेकिन सीबीआई की तलवार के चलते कुछ ने मतदान नहीं किया और कांग्रेस पिछले दरवाज़े से जीत गई."
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Image caption विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 13 अप्रैल 2013 को अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर को ट्विटर पर साझा करते हुए कहा था, "यह बहुत ही गंभीर मामला है. ये प्रधानमंत्री को बचाने के लिए केंद्र सरकार के सीबीआई पर दबाव का सबूत है."
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Image caption वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फ़रवरी 2014 में बीते दशक के दौरान सीबीआई के दुरुपयोग पर एक लेख भी लिखा था.
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Image caption भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने जुलाई 2013 में कहा था कि 'कांग्रेस आतंकवादी की मौत पर मातम के लिए सीबीआई के कंधे का इस्तेमाल कर रही है.'
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Image caption गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मई 2013 में फ़ेसबुक पर की गई एक पोस्ट में सीबीआई के दुरुपयोग की बात की थी.

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी यूपीए शासनकाल में सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहा था.

सिर्फ़ बीजेपी ही नहीं अन्य पार्टियां भी सीबीआई के केंद्र सरकार के प्रभाव में होने के आरोप लगाती रही हैं.

शारदा चिटफंड मामले की सीबीआई जाँच को पश्चिम बंगाल में सरकार चला रही ममता बैनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने भी बदले की भावना की कार्रवाई कहा था.

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Image caption अप्रैल 2015 के इस ट्वीट में तृणमूल ने अपने नेता अभिषेक बनर्जी के हवाले से कहा है, "सीबीआई, ईडी और ऐसी अन्य एजेंसिया बीजेपी की कठपुतली के रूप में काम कर रही हैं. यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहा था."

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल केंद्र सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं.

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Image caption दिसंबर 2014 में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सभी मामलों से बरी होने पर केजरीवाल ने ट्वीट किया था, "कांग्रेस ने सीबीआई का दुरुपयोग किया और अपने मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के मामलों को कमज़ोर करवा दिया. अब भाजपा सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. अमित शाह से सभी मामले वापस ले लिए गए हैं."

उत्तर प्रदेश में सरकार चला रही समाजवादी पार्टी भी केंद्र सरकार पर ऐसे आरोप लगाती रही है.

हाल ही में एनएचआरएम घोटाले में बहुजन समाज पार्टी अध्यक्ष मायावती से सीबीआई पूछताछ की रिपोर्टों के बाद मायावती ने भी कहा था कि वह इससे डरने वाली नहीं हैं.

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Image caption बसपा अध्यक्ष मायावती ने सितंबर में कहा था कि सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे जाँच के सिलसिले में संपर्क किया था. उन्होंने कहा था कि बीजेपी उन पर दबाव बनाना चाहती है लेकिन वो डरने वाली नहीं हैं.

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