'24 करोड़ का बजट और 114 करोड़ का भुगतान'

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आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर दिल्ली ज़िला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष (1999-2013) और फिर एक साल डीडीसीए के पैटरन-इन-चीफ़ के पद पर रहने के दौरान कई तरह की अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है.

इन आरोपों के आधार पर आप नेताओं ने वित्त मंत्री का इस्तीफ़ा मांगा है और ऐसा नहीं करने पर प्रधानमंत्री मोदी से उन्हें फ़ौरन बर्ख़ास्त करने की मांग की है.

अभी तक डीडीसीए, जेटली या उनकी पार्टी बीजेपी की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है.

गुरुवार को दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आप नेताओं ने जो आरोप लगाए उनमें प्रमुख हैं.

1- दिल्ली के फ़िरोजशाह कोटला स्टेडियम के पुनिर्माण और मरम्मत के लिए डीडीसीए ने 24 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया था. लेकिन ख़र्च कर दिए गए 114 करोड़ रुपए.

2- लेकिन उसमें भी स्टेडियम का निर्माण करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ईपीआईएल को केवल 57 करोड़ का भुगतान किया गया. बाक़ी का 57 करोड़ रुपए का भुगतान किसे किया गया इसका हिसाब नहीं है.

3- डीडीसीए ने पांच ऐसी कंपनियों को भुगतान किया जिनके रजिस्टर्ड दफ़्तर, आधिकारिक ईमेल, निदेशक और शेयरधारक एक ही लोग थे.

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4- डीडीसीए ने दो ऐसी कंपनियों को ऐसे काम के लिए भुगतान किया, जो काम पहले ही हो चुका था.

5- केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और डीडीसीए के कोषाध्यक्ष नरेंद्र बत्रा के बीच क्या संबंध हैं.

6- डीडीसीए ने कई बार 20 हज़ार रुपए से अधिक का भुगतान कैश में किया, जबकि यह नियमानुसार नहीं हो सकता है.

7- फ़िरोजशाह कोटला में बने दस कॉरपोरेट बॉक्स को अरुण जेटली ने अपने पसंदीदा कॉरपोरेट घरानों को लीज़ पर दे दिया. इसे कितने में बेचा गया और बेचने वाली कंपनी को कितना कमीशन दिया गया उसका हिसाब नहीं है.

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8- डीडीसीए की टीमों की ओर से खेलने वालों में केवल अमीरों के बच्चे ही हैं. ग़रीबों के बच्चे नहीं खेल पाते हैं.

9- दिल्ली के रोहिणी के एक स्कूल विद्या जैन पब्लिक स्कूल से ही बहुत से खिलाड़ियों के आयु प्रमाण पत्र जारी किए गए.

10- डीडीसीए की जांच करने वाले आईएएस अधिकारी चेतन सांघी ने नवंबर में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी और केंद्र सरकार ने दिसंबर में उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करा दिया.

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