नेशनल हेरल्ड मामला: क्या-क्या हो सकता है?

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी नेशनल हेरल्ड मामले में शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में अपने ऊपर लगे आरोपों की सफ़ाई के लिए पेश होंगे.

इन दोनों के अलावा कांग्रेस कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, महासचिव ऑस्कर फर्णांडिस, वरिष्ठ पत्रकार सुमन दुबे और टैक्नोक्रेट सैम पित्रोदा को भी अदालत में हाजि़र होना है.

इस मामले में क्या-क्या हो सकता है, इस पर एक नज़र.

सीन -1

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अपराधिक दंड संहिता के मुताबिक सोनिया और राहुल जमानत के लिए अपील कर सकते हैं. कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक सोनिया-राहुल को आसानी से जमानत मिल सकती है. जमानत देते हुए अदालत उनसे निजी बाँड भरने को कह सकती है.

इसमें उन्हें लिखित में देना होगा कि वे अदालत के सामने जरूरत पड़ने पर हाज़िर होंगे. इसके अलावा उन्हें अलग से जमानती बाँन्ड भी भरने के लिए कहा जा सकता है, यह उनकी ओर से कोई दोस्त या रिश्तेदार भर सकता है. अदालत राहुल और सोनिया से दोनों बाँन्ड भरने को भी कह सकती है.

इस बाँन्ड को भरने के बाद सोनिया और राहुल भविष्य में सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत मौजूदगी से छूट मांग सकते हैं.

सीन 2

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अदालत सोनिया और राहुल के जमानत के आवेदन को ख़ारिज़ कर सकती है, लेकिन इसके लिए उसे मज़बूत वजह बतानी होगी. जमानत तब ख़ारिज हो सकती थी, जब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य को प्रभावित करने की आशंका होती, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हो सकता है क्योंकि यह निजी शिकायत है.

इन सबके बाद भी अगर जमानत नहीं मिलती है तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ज़ेल जाना होगा. यह पुलिस का मामला नहीं है, लिहाजा उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर नहीं लिया जा सकता.

सीन 3

अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद अगर सोनिया और राहुल गांधी को जमानत मिल जाती है तो अदालत स्वामी को नोटिस जारी करके अपने साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहेगी.

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इसके आधार पर सोनिया और राहुल पर आरोप तय हो सकते हैं, इस दौरान सोनिया और राहुल भी सवाल-जवाब के लिए मौजूद होंगे.

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