राम मंदिर के लिए 20 टन पत्थर अयोध्या पहुँचे

  • 21 दिसंबर 2015
राम मंदिर के लिए ईंटें
Image caption मंदिर के लिए निर्माण सामग्री लंबे समय से जुटाई जा रही है.

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए बीस टन पत्थर वहाँ कारसेवक पुरम में लाए गए हैं.

ये पत्थर दो ट्रकों में राजस्थान से लाए गए हैं.

वीएचपी के कारसेवकपुरम के प्रभारी शरद शर्मा ने कहा, "मंदिर निर्माण के काम में पत्थर बहुत चाहिए. अभी 20 टन पत्थर आए हैं, लेकिन लगभग दो लाख टन पत्थर चाहिए. हमें उम्मीद है कि अब आगे लोग ही पत्थर दान करेंगे. जैसे ही सरकार की तरफ़ से आदेश मिलेगा, हम निर्माण काम शुरु करेंगे."

ग़ौरतलब है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वर्ष 2010 में साठ साल पुराने बाबरी मस्जिद- राममंदिर विवाद पर फ़ैसला सुनाया था जिसके मुताबिक जिस भूमि पर बाबरी मस्जिद मौजूद थी, उसका हिंदुओं और मुस्लमानों की बीच बटवारा करने का आदेश दिया गया था.

फ़िलहाल ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है और विवादित जगह पर किसी तरह के निर्माण की इजाज़त नहीं है.

हालाँकि समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार महंत नृत्यगोपाल दास के हवाले से कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने का समय आ गया है.

इसी साल अशोक सिंघल की मृत्यु से पहले, उनकी अध्यक्षता में 14 जून को विश्व हिंदू परिषद के मार्गदर्शक मंडल की एक बैठक हुई थी.

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Image caption दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से पहले राम मंदिर के लिए बड़ा अभियान चलाया गया

इस बैठक में कहा गया था कि मंदिर के लिए पैसों से ज़्यादा पत्थरों का दान चाहिए.

वीएचपी के जानकारों के मुताबिक राजस्थान में कुछ खदानें बंद हो रही थीं इसलिए तत्परता से पत्थर मंगाने का काम किया गया है.

इससे पहले भी अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए पत्थर आते रहे हैं. 2007 तक पत्थर लगातार आ रहे थे. बीच में ये पत्थर राजस्थान सरकार के खदानों के नियम बदलने के कारण आना बंद हो गए थे.

इस ताज़ा घटनाक्रम पर प्रशासन ख़ामोश है और स्थिति पर नज़र रख रहा है. प्रशासन का कहना है कि जब तक अयोध्या में शांति बनी हुई है तब तक वह कोई कार्रवाई नहीं करेगा.

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