पहले से तय थी मोदी-शरीफ़ मुलाक़ातः कांग्रेस

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अचानक पाकिस्तान यात्रा पर कांग्रेस और शिवसेना ने तल्ख टिप्पणियां की हैं.

कांग्रेस नेता शकील अहमद और शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि मोदी पाक गए हैं तो दाऊद इब्राहिम को भी साथ ले आएं.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री की पाकिस्तान यात्रा पूर्वनियोजित थी और मोदी ने देश को इस बारे में अंधेरे में रखा.

आनंद शर्मा ने कहा, "मैं सुषमा के उस दावे को नकारता हूँ जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के पाकिस्तान जाने के फ़ैसले को स्टेट्समैनशिप कहा था."

उन्होंने कहा, "हमें लगता है कि ये एक पूर्व-नियोजित यात्रा थी ना कि तुरंत लिया गया फ़ैसला."

Image caption शिवसेना ने कहा है कि अगर मोदी दाऊद को साथ ले आते हैं तो पाकिस्तान दौरा कामयाब होगा.

शर्मा ने कहा कि मोदी ने ये यात्रा देशहित को ध्यान में रखककर नहीं की है. उन्होंने कहा, "एक उद्योगपति जिनका पाकिस्तान में व्यापार है पहले से ही पाकिस्तान में मौजूद है तो फिर ये यात्रा अचानक कैसे हो सकती है."

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शकील अहमद ने ट्वीट किया, "पाकिस्तान की यात्रा के लिए किसी को प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना नहीं करनी चाहिए. नवाज़ शरीफ़ रिटर्न गिफ़्ट के तौर पर मोदी के विमान में हाफ़िज़ सईद और दाऊद इब्राहिम को भी लाद सकते हैं."

शिवसेना नेता संजय राउत ने भी कहा है कि मोदी की पाकिस्तान यात्रा तब ही कामयाब मानी जाएगी जब वो दाऊद इब्राहिम को भी साथ ले आएं.

अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम भारत के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल है.

पाकिस्तानी संगठन ज़मात-उद-दावा के नेता हाफ़िज़ सईद भी मुंबई पर हुए हमलों के सिलसिले में भारत में वांछित हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मोदी की पाक यात्रा पर कहा, "नरेंद्र मोदी की इस रोमांचक यात्रा के भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर परिणाम होंगे. यदि यह फ़ैसला पहले लिया हुआ नहीं है तो यह बहुत ही मज़ाकिया है."

एनडीए सरकार में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने ट्वीट करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदीजी का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के जन्मदिन एव नाति के विवाह पर शामिल होना उनकी राजनीति का शानदार नमूना है. पीएम मोदीजी की पाकिस्तान यात्रा से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों मे मज़बूती आएगी."

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वहीं पीडीपी नेता नईम अहमद ने कहा, "उम्मीद करते हैं कि यह एक रचनात्मक और निर्बाध वार्ता की शुरुआत है."

वहीं पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक सलमान हैदर का कहना है कि यह मुलाक़ात एक सकारात्मक क़दम है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफ़ग़ानिस्तान से लौटते हुए अचानक पाकिस्तान के लाहौर में रुककर नवाज़ शरीफ़ से मुलाक़ात कर रहे हैं.

वहीं पाकिस्तान में भी नरेंद्र मोदी की यात्रा का विरोध हुआ है. जमात-ए-इस्लामी के नेता सिराज उल हक़ ने अपने समर्थकों के साथ लाहौर में विरोध प्रदर्शन किया है.

उन्होंने ट्वीट किया, "हम वार्ता के विरोध में नहीं है लेकिन पाकिस्तान ये कैसे भूल सकता है कश्मीर, फाटा और बलोचिस्तान में भारतीय अत्याचार के पीछे मोदी ही हैं."

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