ऑड-ईवन फ़ॉर्मूले में किसे मिलेगी छूट?

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दिल्ली में एक जनवरी से ऑड-ईवन फ़ॉर्मूला लागू हो रहा है. आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ अहम बातों के बारे में.

क्या है ऑड-ईवन फ़ॉर्मूला?

दिल्ली की सड़कों पर एक दिन ऑड और उसके अगले दिन ईवन नंबर की गाड़ियां चलेंगी. ऑड-ईवन का मतलब है गाड़ी की नंबरप्लेट का आख़िरी नंबर सम है या विषम.

मसलन एक जनवरी को ऑड नंबर वाली गाड़ियों को दिल्ली की सड़कों पर चलने की इजाज़त होगी और दो जनवरी को ईवन नंबर के वाहन चलेंगे.

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए यह योजना फ़िलहाल 15 दिनों के लिए चलाई गई है.

सरकार की व्यवस्था

इस योजना के तहत कार से आने वाले लोग रोज़ गाड़ी नहीं ला सकेंगे, तो दिल्ली सरकार का कहना है कि उसने वैकल्पिक व्यवस्था की है. दिल्ली सरकार का दावा है मैट्रो ट्रेन के फेरे बढ़ा दिए गए हैं. राजधानी में चल रही छह हज़ार बसों के अलावा तीन हज़ार अतिरिक्त बसें भी चलाई जाएंगी.

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दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के मुताबिक़ एक जनवरी से 15 जनवरी तक मेट्रो कुल 3192 चक्कर लगाएगी, जबकि इसी अवधि में जनवरी 2015 में मेट्रो ने 2827 चक्कर लगाए थे.

इसके लिए रोज़ 198 मेट्रो ट्रेन चलाई जाएंगी. डीएमआरसी की ओर से इस दौरान अतिरिक्त मेट्रो कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, ताकि वे मेट्रो पर बढ़ने वाला बोझ संभाल सकें.

यह फ़ॉर्मूला दिल्ली में और दिल्ली के बाहर पंजीकृत सभी गाड़ियों पर ऑड-ईवन नंबर प्लेट वाला लागू होगा. इलेक्ट्रिक कारों और सीएनजी गाड़ियों को इससे छूट मिलेगी.

उल्लंघन करने पर सज़ा?

ट्रैफ़िक पुलिस, परिवहन विभाग और अधिकारी सड़क पर उतरेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों का 2000 रुपए का चालान काटा जाएगा.

किसे है छूट

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योजना में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की गाड़ियां शामिल नहीं की गई हैं. सुप्रीम कोर्ट के सभी न्यायाधीश, लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर को छूट मिलेगी.

राज्यसभा के उपसभापति, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता, केंद्रशासित प्रदेशों और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इसमें रियायत मिलेगी. (दिल्ली के मुख्यमंत्री छूटवालों की लिस्ट में शामिल नहीं हैं.)

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हाईकोर्ट के न्यायाधीशों और लोकायुक्त को इससे अलग रख गया है. अकेली महिला ड्राइवरों, महिला ड्राइवर के साथ 12 साल की उम्र वाले बच्चे गाड़ी में बैठे हों तो उन्हें भी छूट मिलेगी. आपातकालीन वाहन, एम्बुलेंस, फ़ायर, अस्पताल, जेल, एन्फ़ोर्समेंट वाहनों को इससे अलग रख गया है.

अर्धसैनिक बलों, रक्षा मंत्रालय और विशेष सुरक्षा समूह के वाहन भी ऑड-ईवन फ़ॉर्मूला में नहीं आएंगे.

राजनयिकों के वाहनों को भी इससे अलग रखा गया है. बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए इमरजेंसी वाहन इसमें शामिल नहीं हैं.

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विकलांगों के वाहनों को भी ऑड-ईवन फ़ॉर्मूले से अलग रखा गया है.

सीएनजी से चलने वाली, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों को इसमें छूट होगी. दोपहिया वाहनों को भी इसमें शामिल नहीं किया गया है.

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