पाक से रिश्तों पर ऑपरेशन के बाद बयान: जेटली

  • 4 जनवरी 2016
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पठानकोट हमले पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सैन्य अभियान अभी जारी है, अभियान पूरा होने के बाद ही सरकार इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देगी.

इस हमले का पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा? मीडिया के इस सवाल पर जेटली बोले "पहले सैन्य अभियान पूरा होने दीजिए. उसके बाद हम कुछ कहेंगे."

उन्होंने इस हमले पर त्वरित कार्रवाई के लिए भारतीय सेना और अन्य सैन्य बलों की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा, “सेना का मूल उद्देश्य था, कि एयरबेस पर जो सामरिक एसेट्स मौजूद था, उसे नुकसान नहीं हो. दूसरा उद्देश्य ये था कि कम से कम नुकसान हो. इसमें भी वे काफ़ी हद तक सफ़ल रहे. तीसरा उद्देश्य था कि हमलावरों को जीवित पकड़े ले या उन्हें ख़त्म कर दें.”

जेटली के मुताबिक सेना अपने तीनों उद्देश्य को हासिल करने में कामयाब रही.

उन्होंने हमले के बारे में विस्तार से बताया, “चरमपंथी हमलावरों ने अपने पहले अभियान में हमारे पांच सैनिकों को मार गिराया. इसके बाद हुए काउंटर में एक जवान की मौत हुई. एक जवान के पार्थिव शरीर को लेने की कोशिए में एक एक्सीडेंटल मौत हुई.”

हमले के तीन दिन तक चलने के बारे में जेटली ने कहा, “ऐसे हमले में कार्रवाई करने पर वक्त लगता है. मुंबई हमले के दौरान हमने देखा था कि वक्त लगता है. क्योंकि ये काफी प्रशिक्षित चरमपंथी होते हैं. वे आत्मघाती होते हैं.”

जेटली ने ये भी माना कि इंटेलिजेंस इनपुट्स और मुंबई हमले के बाद मिली सीख से हम हम इस हमले पर त्वरित कार्रवाई कर सके.

इस हमले का भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्तों पर असर पड़ने की बात पर जेटली ने कहा कि

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