'भारत दुश्मनों को उसी की ज़बान में जवाब दे'

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Image caption रक्षा मंत्री पहले गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि “भारत को अपने दुश्मनों से उसी की भाषा में बात करनी होगी.”

मनोहर परिकर ने कहा, “जो हमें दर्द देगा उसे उसी दर्द का एहसास होना चाहिए. हमारा मुख्य मक़सद देश के लिए बलिदान देने का नहीं बल्कि दुश्मन का ख़ात्मा करने का होना चाहिए.”

जनवरी के शुरू में पठानकोट हमला हुआ था और भारत के मुताबिक़ हमलावरों का संबंध पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन से था.

भारतीय रक्षा मंत्री ने ये बात सेना दिवस के मौक़े पर कही.

इस बीच केंद्र में मोदी सरकार को समर्थन दे रही शिवसेना ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पठानकोट जैसे चरमपंथी हमलों को बर्दाश्त करना बंद करें.

शिवसेना के मुखपत्र सामना में कहा गया है, “आतंकवाद पर हमारी संयम शक्ति सराहनीय है. लेकिन हर चीज़ की एक सीमा है. हम ये प्रार्थना करते हैं कि उस तरह के हमलों को मोदी बर्दाश्त करना बंद कर दें.“

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सामना ने ये बात अपने संपादकीय में कही है.

संपादकीय में आगे कहा गया है, “अमरीका ने पठानकोट मामले को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाया है, और हमेशा की तरह, हमारी गेंद पाकिस्तान के पाले में है. हम बस इंतज़ार कर रहे हैं कि आगे क्या होगा.“

शिवसेना ने कहा है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ये कहकर कि छह आतंकवादी पूरी भारतीय फ़ौज का मुक़ाबला नहीं कर सकते थे, हमारे जख़्म पर नमक छिड़का है.

कहा गया है कि ऐसे हमले तबतक नहीं रुकेंगें जबतक उन्हें करारा जवाब नहीं मिलेगा.

संपादकीय कहता है कि भारत की सत्ता में मौजूद लोग अगर अपना क्षत्रीय धर्म नहीं निभाएंगे तो मुश्किलें खड़ी होंगी.

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