फ़ेसबुक को ट्राई की कड़े शब्दों में चेतावनी

इमेज कॉपीरइट AFP

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया यानी ट्राई ने फ़्री बेसिक्स के नाम पर फ़ेसबुक के कराए गए ओपिनियन पोल के लिए कंपनी को कड़े शब्दों में ख़त लिखा है.

फ़ेसबुक को लिखे अपने ख़त में ट्राई ने कहा है, ''आपकी कोशिश पारदर्शी ढंग से फ़ैसले तक पहुँचने के लिए चल रही अर्थपूर्ण सलाह लेने की प्रक्रिया को महज़ एक बहुसंख्यकवादी और चुपचाप ढंग से कराए गए ओपिनियन पोल तक सीमित करने की दिखती है.''

ट्राई के ज्वाइंट एडवाइज़र केवी सेबास्टियन ने फ़ेसबुक के भारत, दक्षिण और केंद्रीय एशिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अनखी दास को लिखे अपने पत्र में कहा, "सलाह लेने की इस प्रक्रिया की न तो भावना और न शब्दों का वो अर्थ नहीं निकालना चाहिए जिसे स्वीकार करने पर भारत में नीति निर्धारण के ख़तरनाक नतीजे निकलते हों. "

ट्राई के डेटा सर्विसेज़ की डिफ़रेंशियल प्राइसिंग पर आधारित कंसल्टेशन पेपर के बाद फ़ेसबुक ने अपने यूज़र्स से पूछा था कि वो फ्री बेसिक्स के समर्थन में ट्राई को एक मेल भेजें.

ट्राई को इस पेपर पर 24 लाख कमेंट्स मिले हैं जिनमें से क़रीब 18 लाख फ़ेसबुक यूज़र्स की ओर से भेजे गए हैं. ट्राई ने फ़ेसबुक से कहा था कि वो अपने यूज़र्स से सिर्फ़ इस कंसल्टेशन पेपर में उठाए गए सवालों के जवाब देने को कहे.

इमेज कॉपीरइट AFP

ट्राई का आरोप है कि फ़ेसबुक इसके बजाय अपने यूज़र्स को ‘सेव फ्री बेसिक्स कैंपेन’ के ज़रिए गुमराह कर रहा है और जो जवाब ट्राई को भेजे गए हैं उनका संबंध ट्राई के कंसल्टेशन पेपर में पूछी गई बातों से नहीं है.

फ़ेसबुक ने अपने फ्री इंटरनेट प्लेटफ़ार्म फ्री बेसिक्स के समर्थन में ट्राई के कंसल्टेशन पेपर के बाद अपना अभियान शुरू किया था. फ्री बेसिक्स को अगर मंज़ूरी मिल जाती है तो यूज़र बगैर पैसा दिए कुछ ख़ास वेबसाइट्स का मुफ़्त में इस्तेमाल कर पाएंगे. जानकारों का दावा है कि फ्री बेसिक्स से नेट न्यूट्रेलिटी के उसूलों का उल्लंघन होता है.

जबकि फ़ेसबुक का कहना है कि ट्राई के दफ़्तर में किसी ने उनकी ओर से जाने वाले ईमेलों को पहुँचने से रोक दिया है, जिसमें लोगों ने डिफ़रेंशियल प्राइसिंग को लेकर अपने विचार रखे थे. हालांकि ट्राई ने अपने ताज़ा ख़त में फ़ेसबुक की इस शिकायत को ग़लत बताया है और पूछा है कि अगर 17 दिसंबर से ईमेल ब्लॉक किए जा रहे थे तो इसकी शिकायत 13 जनवरी को क्यों की गई जबकि कंसल्टेशन की प्रक्रिया ख़त्म हो चुकी थी.

ट्राई के कंसल्टेशन पेपर पर राय देने की आख़िरी तारीख 30 दिसंबर थी जिसे बाद में बढ़ाकर 7 जनवरी किया गया था. इस पर ओपन हाउस सत्र 21 जनवरी को और महीने के अंत में होना है. इसके बाद ट्राई फ़ैसला करेगा और ज़ीरो रेटिंग प्लान और फ्री बेसिक्स का भी भविष्य तय होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार