'रोहित को न्याय मिलना अभी बाक़ी है'

स्मृति ईरानी, रोहित वेमुला इमेज कॉपीरइट AFP FACEBOOK

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने अपने चार शोध छात्रों का निलंबन वापस ले लिया है.

यूनिवर्सिटी से निलंबित किए गए पांच छात्रों में रोहित वेमुला भी थे, जिन्होंने बीते रविवार फांसी लगाकर ख़ुदकुशी कर ली थी.

यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने एक आपात बैठक में इन छात्रों के निलंबन का फ़ैसला किया.

इनमें से एक छात्र प्रशांत ने बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह से बातचीत में कहा, ''निलंबन वापस लेना कोई उपलब्धि नहीं है. अभी रोहित को न्याय मिलना बाक़ी है. हम लड़ाई जारी रखेंगे.''

स्थानीय पत्रकार इमरान क़ुरैशी के मुताबिक़, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष ज़ुहैल केपी का कहना है, ''हमारी पांच मांगों से सिर्फ़ एक मांग मानी गई है और वह भी हाईकोर्ट और पुलिस की पड़ताल के बाद. बाक़ी मांगें जब तक नहीं मानी जाएंगी, हम विरोध प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगे.

छात्रों की मांगों में वाइस चांसलर और केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के इस्तीफ़े की मांग शामिल है. दत्तात्रेय ने इस मामले में कार्रवाई के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखा था.

हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन यह भी मांग कर रहा है कि कथित झूठे मामले वापस लिए जाएं और दिवंगत रोहित की मां को 5 करोड़ रूपए मुआवज़े के तौर पर दिए जाएं.

इमेज कॉपीरइट Kumar Sundaram

उधर, एससी-एसटी टीचर्स एंड ऑफ़िसर्स फ़ोरम के सदस्य प्रोफ़ेसर एन लक्ष्मी नारायण का कहना है, ''छात्रों का निलंबन शर्तों के साथ ख़त्म किया गया है. इस वजह से हमें नहीं लगता कि छात्र अपने विरोध प्रदर्शन से पीछे हटेंगे.''

इससे एक दिन पहले ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली में दावा किया था कि रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी जातिगत मामला नहीं था.

दलित छात्र रोहित वेमुला की ख़ुदकुशी के बाद यूनिवर्सिटी में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के कथित दख़ल के ख़िलाफ़ छात्रों ने हैदराबाद समेत कई शहरों में प्रदर्शन किए हैं और ज़िम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार