गणतंत्र दिवस: फ़्रांसीसी दस्ते ने भी दी सलामी

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर परेड में हिस्सा लेते सेना के कुत्ते. इमेज कॉपीरइट AP

भारत मंगलवार को अपना 67वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और परेड की सलामी ली है.

राजपथ पर आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नेरंद्र मोदी ने इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति पर जाकर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ़्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांसुआ ओलांद हैं. वो समारोह में शामिल होने के लिए रविवार को भारत पहुँचे थे.

समारोह की शुरुआत में अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले सैनिकों को सम्मानित किया गया.

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सम्मान समारोह के बाद तीनों सेनाओं की टुकड़ियों, एनसीसी के लड़के और लड़कियों की टुकड़ियों और एनएसएस की टुकड़ी ने मार्च पास्ट में हिस्सा लिया.

इस दौरान सेना के मिसाइलों और टैंकों को भी प्रदर्शित किया गया है.

राजपथ पर देश के अलग-अलग राज्यों की झांकियां प्रदर्शित की गईं. इसमें उन राज्यों की विशेषताओं को दिखाया गया था. इसके अलावा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालय की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं.

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परेड में तीनों सेनाओं के बैंड ने राजपथ पर देशभक्ति के गीतों की धुन बजाते हुए मार्च पास्ट किया.

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) के 56 ऊंटों के दस्ते ने भी परेड में हिस्सा लिया. इसका नेतृत्व बल के उप कमांडेंट कुलदीप जे चौधरी ने किया.

पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में एक विदेशी सैन्य टुकड़ी परेड में हिस्सा ले रही है, ख़ास अतिथियों को बारिश से बचाने के लिए शीशे की छत बनाई गई है, कुत्तों का एक दस्ता परेड में शामिल किया गया है और सेना का एक दस्ता जिसमें केवल महिलाएँ हैं, स्टंट पेश कर रहा है.

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पिछले साल आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे. उस समय बारिश की वजह से अतिथियों को परेशानी उठानी पड़ी थी.

उस देखते हुए इस बार वीवीआईपी के बैठने वाली जगह पर शीशे की एक छत बनाई गई है.

फ़्रांस की सैन्य टुकड़ी का 76 सदस्सीय दल मार्च कर रहा है. इसमें 48 सदस्सीय संगीतकारों का दल भी शामिल हैं. फ्रांस के दस्‍ते का नेतृत्‍व लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल बरी ने किया.

इस बार सेना के कुत्तों का दस्ता भी अपने मेंटर्स के साथ परेड में शामिल है.

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गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सुरक्षा के कई स्तरीय इंतजाम किए गए हैं. इसमें दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बल के जवानों को भी तैनात किया गया है.

भारत में गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा 1950 में शुरू हुई. उस साल 26 जनवरी को देश के संविधान को अंगीकार किया गया था.

इससे पहले सोमवार शाम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने देश के नाम अपने संबोधन में पड़ोसी देशों के साथ सभी समस्याओं के निपटारे के लिए बातचीत पर ज़ोर दिया. उन्होंने चरमपंथ को कैंसर की तरह बताया, जिसे ऑपरेशन से काट कर बाहर निकाल देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सूखे, बाढ़ और अंतरराष्ट्रीय मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यस्था ने 7.3 फ़ीसदी की विकास दर हासिल की है.

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