अकेले रहने वालों को मकान नहीं देने की 5 वजहें

  • 27 जनवरी 2016

शहरी भारत में किराए पर फ़्लैट लेना आसान नहीं है, ख़ासकर जब आप अकेली महिला या पुरुष हों.

दिल्ली और उसके आसपास के इलाक़े में आपको ऐसे साइनबोर्ड दिख जाएंगे जिन पर अकेले रहने वाले किराएदारों को मकान न देने की बात लिखी होती है.

इसके अलावा किराए पर घर देने से पहले मकान मालिक और भी पहलुओं से आपको आंकते हैं- केवल शाकाहारी हों, सरकारी मुलाजिम हों और केवल हिंदू हों.

इन कसौटियों पर खरे उतरने के बावजूद अगर आप अकेले रहते हों तो मकान मालिक के पास मकान नहीं देने के लिए कई बहाने निकल आएंगे.

ऐसे ही पांच वजहों पर एक नज़र, जिनका हवाला देते हुए मकान मालिक अकेले रहने वाले किराएदारों को मकान नहीं देते.

1. बहुत शराब पीते हैं: कई प्रॉपर्टी एजेंट बताते हैं कि ज़्यादातर मकान मालिक किराएदारों के लिए 'नो अल्कोहल' की नीति अपनाते हैं.

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दिल्ली से सटे ग़ाज़ियाबाद में काम करने वाले एक प्रॉपर्टी एजेंट ने बताया, “अगर कोई मकान मालिक अकेले रहने वाले को फ़्लैट किराए पर देने के लिए तैयार हो भी जाते हैं, तो उनकी पहली शर्त यही है कि किराएदार फ़्लैट में शराब नहीं पी सकता.”

इस एजेंट के मुताबिक, “कुछ कुंवारे किराएदार झूठ बोल कर किराए पर फ़्लैट तो ले लेते हैं लेकिन अमूमन पकड़े जाते हैं क्योंकि मकान मालिक निरीक्षण करने के लिए फ़्लैट पर पहुंचते ही हैं.”

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2. किराए की चिंता: अकेले रहने वालों को किराए पर मकान नहीं देने की दूसरी सबसे बड़ी वजह किराए की चिंता है. एजेंट ने बताया कि मकान मालिकों में ये धारणा होती है कि अकेले रहने वाले लोग समय पर किराया नहीं देते.

ग़ाज़ियाबाद में रहने वाले मार्केंटिंग प्रोफेशनल कमल विक्रम धर कहते हैं, “मकान मालिकों की यह धारणा काफी परेशान करने वाली है. मैं 15 मकान मालिकों से मिला, तब जाकर एक मकान मालिक मुझे घर देने को तैयार हुआ.”

3. साफ़-सफ़ाई का ख़्याल: कुछ मकान मालिक ये भी मानते हैं कि अकेले रहने वाले लोग घरों को गंदा रखते हैं और साफ़ सफ़ाई का ख़्याल नहीं रखते.

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कॉलेज छात्रा रूही अग्रवाल कहती हैं, “ये आम धारणा है. अकेले रहने या नहीं रहने का सफाई से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन मकान मालिक हमें कई बार घर साफ़ रखने की याद दिलाते रहते हैं.”

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4. प्रेमी-प्रेमिका: अगर आप रिलेशनशिप में हैं, तो किराए पर मकान मिलना और भी मुश्किल है. दिल्ली से क़रीब नोएडा के आईटी फर्म में काम करने वाली एक युवती ने बताया, “आप किराए के फ़्लैट पर ब्वॉय फ्रेंड को नहीं ला सकते, किसी दूसरे पुरुष मित्र को भी नहीं. अगर आप ऐसा करते हैं तो इसका स्कैंडल बनते देर नहीं लगेगी.”

युवती के मुताबिक अपने ब्वॉय फ्रेंड को फ़्लैट पर बुलाने वाली उनकी कुछ मित्रों को 24 घंटे के अंदर घर ख़ाली करना पडा.

नोएडा में प्रॉपर्टी एजेंट का काम करने वाले अमित अग्रवाल कहते हैं, “रिलेशनशिप के साथ मकान मालिक अब तक सहज नहीं हो पाए हैं.”

5. ख़राब प्रभाव: अमित अग्रवाल के मुताबिक़ कई मकान मालिक ये मानते हैं कि अकेले किराएदारों से बच्चों पर ख़राब प्रभाव पड़ता है क्योंकि वे शराब पीते हैं और ध्रूमपान करते हैं.

अग्रवाल कहते हैं, “मकान मालिक हमारे पास जब अपना मकान किराए पर चढ़वाने के लिए आते हैं तो पहली शर्त यही रखते हैं कि किराएदार अकेला नहीं होना चाहिए.”

अमित मकान मालिकों की राय से सहमत नहीं हैं. वे कहते हैं, “मैं उनसे सहमत नहीं हूं लेकिन मेरे पास विकल्प नहीं है. अकेले रहने वालों के लिए मकान ढूंढ़ने में काफी कोशिश करनी होती है.”

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