म्यांमार में सैनिक शासन ख़त्म हुआ

म्यांमार संसद में नृत्य गीत

म्यांमार में दशकों से चले आ रहे सैनिक शासन का अंत हो गया है.

इसके साथ ही वहां की संसद भंग कर दी गई. इस मौके पर राजधानी नायपीडॉ में नृत्य-संगीत का कार्यक्रम भी रखा गया.

पिछले साल नवंबर में हुए ऐतिहासिक आम चुनावों में के बाद ये क़दम उठाया गया है.

इन चुनावों में मुख्य विपक्षी दल नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी को सबसे ज़्यादा सीटें मिलीं. आंग सान सू ची इसकी नेता हैं.

सू ची ने अपने दल के लिए रास्ता खोलने के लिए अपने विरोधियों को धन्यवाद कहा.

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सू ची ने संसद को संबोधित करते हुए कहा, "मुझे यकीन है कि हम अपने देश और जनता के लिए संसद के बाहर और अंदर आपस में सहयोग कर सकते हैं."

बीबीसी संवाददाता जोना फ़िशर ने बताया है कि इसके पहले म्यांमार की संसद पर सेना की पृष्ठभूमि वाले लोगों का दबदबा रहता था.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, सदस्य संसद में बने स्टेज पर चढ़ गए और नाचने गाने लगे. निवर्तमान स्पीकर शे मान ने गाना गाते हुए लोगों से साथ देने की अपील की.

सोमवार से संसद पर एनएलडी का नियंत्रण होगा. लेकिन संसद की एक चौथाई सीटें और महत्वपूर्ण मंत्रालय सेना के क़ब्ज़े में ही होंगे.

संसद को ज़ल्द ही राष्ट्रपति का चुनाव करना होगा, क्योंकि मौजूदा राष्ट्रपति थेन सेन मार्च में अपने पद से हट जाएंगे.

सू ची सैनिक शासन के दौरान 15 साल तक नज़रबंद रहीं. वे राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकतीं क्योेंकि उनके बेटे ब्रितानी नागरिक हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, यह अटकलें लगाई जा रही है कि सू ची और सेना के बीच इस पर कोई सहमति बन सकती है कि उन्हें राष्ट्रपति बनने दिया जाए.

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