बेंगलुरुः तंज़ानिया के छात्र अब भी दहशत में

बेंगलुरु इमेज कॉपीरइट AP

तंज़ानिया की छात्रा के साथ बदसुलूकी के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ़्तार किया है पर इसके बाद भी उत्तरी बेंगलुरु की सीमा पर स्थित इस कॉलेज के तंज़ानियाई छात्र कॉलेज में ग़ैर हाज़िर रहे.

छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने बीबीसी को बताया कि ज़्यादातर छात्र इस डर से अपने घरों से नहीं निकले कि कहीं स्थानीय लोग उन पर हमला न कर दें.

आचार्य कॉलेज के प्रबंधन ने छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए एक मीटिंग भी की, लेकिन डर के कारण इस बैठक में भी ज़्यादा छात्र शामिल नहीं हुए. कॉलेज में 150 तंज़ानियाई छात्र पढ़ते हैं.

आचार्य कॉलेज के तंज़ानियन स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष बर्नांदू काफुमु ने बीबीसी को बताया, "बहुत कम छात्र इस मीटिंग में आए. ज़्यादातर घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं. इस घटना के बाद से वो अपने अपने घरों में ही हैं."

रविवार शाम को नशे में गाड़ी चलाते एक सूडानी छात्र ने सड़क किनारे सो रही स्थानीय महिला को कुचल दिया था. इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से गुज़रते तंज़ानियाई छात्रों पर अपना ग़ुस्सा निकाला. एक छात्रा के कपड़े फाड़ डाले और उन्हें पीटा.

इमेज कॉपीरइट

पीड़ित छात्रा ने एक टीवी चैनल को बताया कि जान बचाने के लिए जब वह और उनके दोस्त एक बस की तरफ भागे तो बस के यात्रियों ने भी उन्हें बाहर धकेल दिया.

बुधवार को जब मामला सामने आया, तो पुलिस ने आगज़नी और महिला से दुर्व्यवहार का मामला दर्ज किया है.

बहरहाल, शहर के पुलिस आयुक्त एनएस मगरिक ने बीबीसी को बताया कि यह रोड रेज का केस है, छात्रा पर नस्लवादी हमले का नहीं. पुलिस ने यह भी कहा कि छात्रा पर कोई सेक्सुअल हमला नहीं हुआ.

पुलिस आयुक्त और कर्नाटक के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ओमप्रकाश ने पुलिस स्टेशन का दौरा किया और पीड़ितों के साथ बैठक भी की.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले की पूरी जांच के आदेश दिए हैं और इस सवाल पर भी जांच के निर्देश दिए कि क्या पुलिस ने रविवार शाम तंज़ानिया की छात्रा की शिकायत दर्ज करने से इनकार किया था.

एक छात्रा ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "हमारा कॉलेज शहर की सीमा पर है. पहले हमें वहां तक जाने में असुरक्षा महसूस नहीं होती थी क्योंकि ऐसा पहले कभी कुछ नहीं हुआ. पहली बार ऐसी घटना घटी है."

काफुमु ने कहा, ''पुलिस प्रबंधन ने मीटिंग में हमें भरोसा दिलाया है कि ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि पुलिस ने कॉलेज से कहा है कि वहां पुलिस की लगातार गश्त रहेगी. प्रबंधन ने यह भी कहा कि हम इन अफ़वाहों पर भरोसा न करें कि शनिवार को फिर हम पर हमला होने वाला है."

बहरहाल, कॉलेज ने छात्रों को निर्देश दिए हैं कि वो कॉलेज तो आएं लेकिन अकेले उस इलाके में न घूमें, समूह में घूमें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार