नई 'मुश्किल' मे फंसे आरके पचौरी

  • 11 फरवरी 2016
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यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे आरके पचौरी के लिए संकट बढ़ गया है.

द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीच्यूट यानी टेरी के कार्यकारी उपाध्यक्ष पचौरी पर एक अन्य पूर्व कर्मचारी ने बुधवार को यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

कार्यकारी उपाध्यक्ष के रूप में राजेंद्र पचौरी की ताज़ा नियुक्ति भी रोकने की मांग की गई है.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार टेरी के छात्र भी उनके ख़िलाफ़ खड़े हो गए हैं. उनका कहना है कि वो पचौरी के हाथों अपनी डिग्री नहीं लेंगे.

कुछ साल पहले जिस महिला ने राजेंद्र पचौरी पर यौन उत्पीड़ने के आरोप लगाए थे, उन्होंने भी उच्च पद पर पचौरी की नियुक्ति की आलोचना की.

यौन उत्पीड़न के आरोप का पहला मामला अभी अदालत में है.

मामले का ब्यौरा देते हुए महिला की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उन्होंने पिछले साल फरवरी में पहली बार पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी जिसने कुछ नहीं किया.

इससे उनकी मुवक्किल को सार्वजनिक रूप से सामने आने के लिए विवश होना पड़ा. एक बयान जारी करते हुए महिला ने कहा, "पचौरी ने मुझे अपने कार्यालय कक्ष में बार-बार बुलाने के लिए काम का बहाना बनाया जबकि वहां असल में ऐसा कोई काम नहीं था जिस पर चर्चा की ज़रूरत हो."

बयान में पीड़िता ने कहा, "उनके इस व्यवहार ने मुझे बहुत असहज कर दिया और मैंने कुछ बैठकों को टालने या अपने सहकर्मियों से बैठक के लिए जाने को कहा."

इस मामले पर संपर्क किए जाने पर पचौरी के वकील आशीष दीक्षित ने कहा कि उन्होंने दूसरी शिकायत को नहीं देखा और वह टिप्पणी नहीं कर सकते.

हालांकि पहले से चल रहे केस का जवाब दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल करते हुए राजेंद्र पचौरी ने आरोपों को नकार दिया है.

उनके अनुसार शिकायतकर्ताओं ने मामले को सनसनीखेज़ बनाने की कोशिश की है.

दूसरी ओर टेरी में वर्ष 2013-15 के छात्रों ने उनके हाथों अपनी डिग्री लेने से इनकार कर दिया है. यह डिग्री 7 मार्च को होने वाले एक कन्वोकेशन के दौरान दी जानी है.

छात्रों का कहना है कि वह इस स्थिति में नहीं हैं कि पचौरी से डिग्री लें.

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