कन्हैया कुमार की रिहाई की मांग

वामपंथी पार्टियों और जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को रिहा करने की मांग की.

कन्हैया कुमार को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया था, जिसका जेएनयू में विरोध हो रहा है.

ये मामला पिछले दिनों विश्वविद्यालय परिसर में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर हुए कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए.

राजनाथ सिंह से मिलने के बाद सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा को उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू कराने की कोशिश हो रही है.

दूसरी तरफ भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि छात्रों का एक समूह जेएनयू की गरिमा को ध्वस्त करने का प्रयास कर रहा है और शिक्षकों तथा छात्रों को आगे आकर इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए.

कन्हैया कुमार को तीन की दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया है.

येचुरी ने कहा कि उन्हें गृह मंत्री की तरफ़ से आश्वासन मिला है कि किसी भी निर्दोष के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होगी.

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सीपीएम महासचिव ने कहा कि एक घटना को लेकर पूरे जेएनयू को देशद्रोही ठहराने की कोशिश हो रही है.

उन्होंने कहा कि जो लोग दोषी हैं उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए.

इस मौक़े पर जेडीयू नेता केसी त्यागी और सीपीआई नेता डी राजा भी उनके साथ मौजूद थे.

दूसरी तरफ आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने भी केंद्र की मोदी सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया.

इससे पहले शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने कहा कि देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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