'देशद्रोहियों का साथ नहीं देना है तो कांग्रेस माफी मांगे'

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भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस को जेएनयू को लेकर चल रहे विवाद पर अपना रुख़ साफ़ करना चाहिए.

सोमवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारे लगाने वालों का समर्थन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, "क्या अभिव्यक्ति की आज़ादी का मतलब अफ़ज़ल गुरु का समर्थन करना है? देश की जनता जानना चाहती है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी का मतलब संसद पर हमले का समर्थन है क्या?"

अमित शाह का कहना है, "कांग्रेस को अगर देशद्रोहियों का साथ नहीं देना है तो कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए."

पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जेएनयू में जाकर उन छात्रों का समर्थन किया जो विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई की मांग कर रहे हैं.

कन्हैया कुमार को पिछले दिनों जेएयून परिसर में संसद पर हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु की बरसी पर हुए कार्यक्रम के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया था.

भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम में भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थन नारे गए.

वहीं कांग्रेस समेत सभी विपक्ष पार्टियों का कहना है कि राष्ट्र विरोधी नारे कन्हैया कुमार ने नहीं लगाए और वो निर्दोष है.

उनके मुताबिक़ इस मामले में जो दोषी हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हो न कि निर्दोष छात्रों के ख़िलाफ़़.

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