जेएनयू एबीवीपी के दो छात्र नेताओं का इस्तीफ़ा

जेएनयू

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जेएनयू यूनिट के ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रदीप नरवाल ने संगठन से इस्तीफ़ा दे दिया है.

अपने फ़ेसबुक पेज पर जारी एक चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि एबीवीपी, जेएनयू यूनिट के ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रदीप नरवाल, स्कूल ऑफ़ सोशल स्टडीज़ (एसएसएस) यूनिट के सेक्रेटरी अंकित हंस और प्रेसीडेंट राहुल यादव ने एबीवीपी से ख़ुद को अलग कर लिया है.

हालांकि राहुल यादव ने बीबीसी से बात करते हुए ख़ुद के इस्तीफ़े की बात से इंकार किया है.

चिट्ठी में कहा गया है, "जेएनयू में मौजूदा घटना, मनुस्मृति और रोहित वेमुला मामले को लेकर पार्टी से मतभेद थे."

इसमें कहा गया है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में देश विरोधी नारे लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन जिस तरह से प्रोफ़ेसरों, छात्रों, मीडिया पर वकीलों का लगातार हमला हो रहा है उसे किसी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता.

चिट्ठी में ये भी कहा गया है, "सोशल मीडिया पर शटडाउन जेएनयू की जगह शटडाउन ज़ी न्यूज़ का अभियान चलाना चाहिए."

उनके अनुसार, "ज़ी न्यूज़ ने इस पूरे मामले की एकतरफ़ा रिपोर्टिंग कर इस विश्वस्तरीय संस्थान का अपमान किया है."

अपने बयान में उन्होंने कहा है कि, "वो एक ऐसी सरकार और ओपी शर्मा जैसे विधायक से जुड़े नहीं हो सकते जो छात्रों पर ज़्यादती कर रहे हैं."

जेएनयू में पीएचडी कर रहे एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित कुमार मौर्य ने बीबीसी से कहा कि इन छात्रों ने दबाव में आकर ये क़दम उठाया है.

मौर्य के मुताबिक़, एबीवीपी जेएनयू यूनिट से केवल दो लोग प्रदीप नरवाल और अंकित हंस अलग हुए हैं.

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