जबरन लिखवाई गई चिट्ठी: मानवाधिकार आयोग

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देशद्रोह के मुक़दमे में गिरफ़्तार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के ज़रिए लिखे गए जिस ख़त को पुलिस ने जारी किया था, वो ख़त उन्होंने अपनी मर्ज़ी ने नहीं लिखा था.

ये कहना है राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शु्क्रवार को एनएचआरसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कन्हैया की अपील की जो चिट्ठी दिल्ली पुलिस ने जारी की थी वो दरअसल पुलिस ने दबाव डालकर उनसे लिखवाई थी.

दिल्ली पुलिस की तरफ़ से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.

मानवाधिकार आयोग के कार्यकारी चेयरमैन ने 18 फ़रवरी गुरुवार को आयोग की दो सदस्यीय टीम (सीके चतुर्वेदी और एसके जैन) को तिहाड़ जेल जाकर कन्हैया से मुलाक़ात करने का निर्देश दिया.

आयोग ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट दी.

पीटीआई के अनुसार एनएचआरसी की टीम के सामने कन्हैया ने कहा कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनको किसी तरह से टॉर्चर तो नहीं किया लेकिन पुलिस ने उन पर मानसिक दबाव डालने की कोशिश की थी.

इसी दौरान कन्हैया ने कहा कि पुलिस ने उनसे जबरन वो ख़त लिखवाया था.

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एनएचआरसी की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान कन्हैया पर जिस तरह से हमला किया गया वो पूरी तरह से पूर्वनियोजित था और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पुलिस की तरफ़ से सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती गई थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि कन्हैया और उसके परिवार की सुरक्षा गंभीर चिंता का विषय है.

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