'छात्रों को डंडे, विधायक शर्मा को कॉफ़ी'

  • 19 फरवरी 2016
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पटियाला हाऊस अदालत में मारपीट के आरोप में गिरफ़्तार करने के बाद ज़मानत पर छोड़े गए भाजपा विधायक ओपी शर्मा को पुलिस हिरासत में वीआईपी की तरह रखने पर सवाल उठाए हैं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह ट्वीट किया, "केंद्र सरकार की नई दंड संहिता - अगर आप भाजपा से हैं तो किसी को पीटना, क़त्ल या बलात्कार करना अपराध नहीं है. आरएसएस और भाजपा का विरोध करना सबसे बड़ा अपराध है."

एक अन्य ट्वीट में केजीरवाल ने कहा, "केंद्र सरकार की नई दंड संहिता - जब पूछताछ हो तो बता दो कि पीड़ित भारत विरोधी नारे लगा रहा था और तुम छूट जाओगे."

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इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने ट्वीट किया, "कनॉट प्लेस के रेस्त्रां से फ़्री शाकाहारी खाना, कई कप कॉफ़ी और पंद्रह मिनट के अंदर रिहाई. वीवीआईपी."

दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को भाजपा विधायक ओपी शर्मा को सीपीआई कार्यकर्ताओं से मारपीट के आरोप में गुरुवार को गिरफ़्तार किया था.

जल्द ही उन्हें ज़मानत पर छोड़ दिया गया.

सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाऊस अदालत में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पेशी से पहले ओपी शर्मा ने अपने कुछ समर्थकों के साथ मिलकर अदालत के बाहर खड़े कन्हैया के समर्थकों के साथ मारपीट की थी.

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मीडिया में प्रकाशित घटना की तस्वीरों में ओपी शर्मा सीपीआई नेता अमीक़ जामेई को पीटते हुए दिख रहे हैं.

अमीक़ जामेई ने बीबीसी से बात करते हुए ओपी शर्मा से अपनी जान को ख़तरा बताया था.

उन्हीं की शिकायत पर दर्ज की गई एफ़आईआर के बाद ओपी शर्मा को गिरफ़्तार किया गया था.

इससे पहले बीबीसी से बात करते हुए ओपी शर्मा ने मारपीट के आरोपों पर अपना बचाव करते हुए कहा, "मुझे क़ानून हाथ में लेने में कोई दिक़्क़त नहीं है."

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