'कांग्रेस-वामपंथियों की साज़िश है जेएनयू विवाद'

केंद्रीय गृहमत्री राजनाथ सिंह के साथ किरेन रिजिजू. इमेज कॉपीरइट EPA

जेएनयू के मुद्दे पर जारी विवाद को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने विपक्षी पार्टियों की साज़िश बताया है.

उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "देश की छवि बर्बाद करने के लिए कांग्रेस और वामपंथियों ने पहले असिहिष्णुता का मुद्दा उठाया. अब वो हिंदुस्तान को गाली देकर देश को बदनाम कर रहे हैं. इस साज़िश को हम अच्छी तरह से समझते हैं."

जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ़्तारी को लेकर केंद्र सरकार को विपक्ष की कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है. दिल्ली समेत देश के कई शहरों में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

कन्हैया कुमार को विश्वविद्यालय परिसर में संसद हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु की बरसी पर हुए एक कार्यक्रम के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है जिसमें कथित तौर पर देश विरोधी नारे लगे.

लेकिन विपक्ष का कहना है कि कन्हैया कुमार निर्दोष हैं और देश विरोधी नारे उन्होंने नहीं लगाए.

लेकिन रिजिजू का कहना है, "जेएनयू में बैठकर देश को टुकड़े-टुकड़े करने की बात करने वालों और अफ़ज़ल गुरु ज़िंदाबाद के नारे लगाने वालों को कोई भी सच्चा हिंदुस्तानी बर्दाश्त नहीं करेगा."

उन्होंने कहा कि सरकार इससे क़ानूनी तरीक़े से निपटेगी, जो भी व्यक्ति देश के ख़िलाफ़ काम करेगा, सरकार उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी.

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कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भाजपा पर उच्च शिक्षण संस्थानों में आरएसएस की विचारधारा को थोपने का आरोप लगा रहे हैं.

इस मुद्दे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से भी मुलाक़ात की.

लेकिन रिजिजू का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है.

उन्होंने कहा, "कन्हैया कुमार की गिरफ़्तारी पर सवाल कौन उठा रहा है? केवल कांग्रेस और वामपंथी. आम जनता उसकी गिरफ़्तारी पर सवाल नहीं उठा रही है. यह देश की आवाज़ नहीं है. वामपंथियों का तो देश के ख़िलाफ़ काम करने का इतिहास रहा है. अब कांग्रेस भी उनके साथ हो ली है."

उन्होंने कहा कि कन्हैया के ख़िलाफ़ जो सबूत हैं, पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी.

कन्हैया कुमार ने अपनी जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने उन्हें इस मुद्दे पर हाई कोर्ट जाने को कहा है.

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दिल्ली के एक निचली अदालत में कन्हैया की पेशी के दौरान हुई मारपीट की रिजिजू ने आलोचना की.

उन्होंने कहा, "पुलिस को ठीक से कार्रवाई करनी चाहिए. किसी के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सबको है. लेकिन इसमें हिंसा नहीं होनी चाहिए. हिंसा की वकालत कोई नहीं करेगा."

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के निर्देश पर उन्होंने कहा कि फ्रांस, जापान, चीन, अमरीका या किसी और देश में जाइए, वहां उस देश का राष्ट्रीय ध्वज फहरता मिलेगा.

"अगर भारत का झंडा हम भारत में नहीं फहराएंगे तो कहाँ फहराएंगे."

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