अंदर मोदी का भाषण और बाहर लाठीचार्ज

  • 22 फरवरी 2016
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल के बाहर कुछ दलित संगठनों ने रोहित वेमुला के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए.

प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 80 लोगों को हिरासत में ले लिया. प्रदर्शन करने वालों में भारतीय मुक्ति मोर्चा, बहुजन मुक्ति मोर्चा, भारतीय विद्यार्थी मुक्ति मोर्चा, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, इंडियन लॉयर्स एसोसिएशन समेत कई दलित संगठनों के कार्यकर्ता, छात्र और वकील शामिल थे.

मोदी संत रविदास जन्म स्थली पर मत्था टेकने और लंगर में भोजन करने के बाद जैसे ही बीएचयू के 100वें दीक्षांत समारोह में पहुंचेे, दलित कार्यकर्ता और छात्र नारेबाजी करने लगे और मुख्य द्वार की ओर बढ़ने लगे.

इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया.

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विरोध कर रहे गोरखपुर विवि के शोध छात्र आरपी गौतम ने बीबीसी हिंदी को बताया, "पूरे देश के भीतर छात्रों में भय का माहौल है. चाहे वो हैदराबाद हो, जेेएनयू या फिर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविदयालय और पिछड़े और दलित छात्रों को बोलने तक का अधिकार नहीं है. हम यही बातें करने मोदीजी से करने जा रहे थे, लेकिन हम पर लाठीचार्ज किया गया."

भारतीय मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और वकिल डीएन सिंह ने बताया कि रोहित वेमुला मामले में इंसाफ के लिए वो पीएम मोदी से मिलने आए थे, लेकिन उनको और अन्य वकील साथियों को अपराधियों की तरह पुलिस ने पीटा है.

बीएचयू की शोध छात्रा सुधा सोनकर ने बताया, "विरोध के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को पीटा है."

प्रधानमंत्री जब काशी हिंदू विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाषण दे रहे थे, तो एक अन्य छात्र ने प्रेस कॉरिडोर की जगह से खड़े होकर छात्र संघ के समर्थन में नारे लगाए.

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छात्र ने कहा, "मोदी जी छात्र संघ का चुनाव 97 से नहीं हो रहा है, छात्रों की पीड़ा समझिए मोदी जी."

पुलिस ने नारा लगाने वाले छात्र को हिरासत में ले लिया. पुलिस जब उस छात्र को कार्यक्रम स्थल से लेकर जा रही थी तो एक भाजपा कार्यकर्ता ने उसपर हमले की कोशिश भी की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार रात अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. सोमवार को उन्होंने रविदास जयंती के अवसर पर शहर के रविदास मंदिर में दर्शन किया और लंगर में खाना खाया.

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