चरमपंथियों से मुठभेड़ जारी, सात की मौत

  • 22 फरवरी 2016
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भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के पांपोर इलाक़े में शनिवार से चल रही मुठभेड़ सोमवार सुबह भी चल रही थी.

सुरक्षा बलों ने रविवार रात क़रीब चार घंटे के लिए गोलीबारी रोक दी थी. इस मुठभेड़ में अब तक सेना के एक कैप्टन समेत पांच सुरक्षाकर्मियों, एक चरमपंथी और एक नागरिक की मौत हो चुकी है.

सेना के जीओसी सतीश दुआ ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि मुठभेड़ ख़त्म करने की कोई जल्दी नहीं है. उन्होंने कहा कि जानमाल के नुक़सान को और न होने देने के लिए वो मुठेभेड़ को जल्द ख़त्म करने की जल्दबाज़ी में नहीं हैं.

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उन्होंने कहा कि जिस इमारत में चरमपंथी छिपे हुए हैं और गोलीबारी कर रहे हैं, उसके आसपास की दो इमारतों को खाली करा लिया गया है.

इस मुठेभड़ में मारे गए सैन्यकर्मियों को सोमवार सुबह श्रीनगर में श्रद्धांजलि दी गई.

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हाल के सालों में यह पहला चरमपंथी हमला है जो पिछले तीन दिन से चल रहा है.

सेना के प्रवक्ता एनएन जोशी के मुताबिक़ मुठभेड़ में रविवार को ज़ख़्मी एक कमांडर की अस्पताल में मौत हो गई.

ये मुठभेड़ शनिवार को उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा बलों के एक काफिले पर हमला करने के बाद चरमपंथी एक सरकारी इमारत में जा छिपे.

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Image caption सुरक्षाबल के जवानों ने इमारत को घेर रखा है.

इमारत में मौजूद 60 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया.

ऑपरेशन पांच मंज़िला सरकारी इमारत में चल रहा है. ऑपरेशन की जगह से 10 किलोमीटर दूर भारतीय थल सेना की चिन्नार 15 कोर का हेडक्वार्टर है.

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Image caption पांपोर में चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है.

जम्मू कश्मीर पुलिस के मुताबिक़ इमारत में तीन से पांच चरमपंथी हो सकते हैं, जो हथियारों से लैस हैं.

सुरक्षाकर्मियों और चरमपंथियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में एक आम नागरिक की भी शनिवार रात अस्पताल में मौत हो गई थी.

रविवार को पांपोर में कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे जिसमें दो नागरिक घायल हो गए.

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Image caption इमारत में फंसे छात्रों, कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.

पुलिस ने एक हफ़्ते पहले लोगों से अपील की थी कि वो मुठभेड़ वाली जगह से कम से कम दो किलोमीटर दूर रहें.

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