रोहतक: हर तरफ तोड़फोड़, आगज़नी के निशान

रोहतक में तोड़ा गया एक रेस्टोरेंट

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के लिए हरियाणा में चल रहे जाटों के आंदोलन में हुई हिंसा में सरकारी और निजी संपत्ति का बड़े पैमाने पर नुक़ासान हुआ है.

इस आंदोलन में मरने वालों की संख्या अब 18 हो गई है. इस दौरान बसों में आग लगा दी गई, रेल पटरियां उखाड़ दी गईं, दुकानों में आग लगा दी गई और तोड़ फोड़ की गई.

उद्योगों के संगठन एसोचैम ने सोमवार को अनुमान लगाया था कि जाट आंदोलन की वजह से क़रीब 20 हज़ार करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है.

रोहतक जाट आंदोलन का केंद्र था और इस आंदोलन की वजह से यहां तबाही सबसे अधिक हुई है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक ट्वीट में कहा कि जाट आंदोलन के दौरान काम में चूक के लिए सिविल व पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए तैनात किया जाएगा.

राज्य सरकार ने कहा है कि आंदोलन के दौरान हुए नुक़सान के मुआवज़े का दावा करने वाला एक फॉर्म उपायुक्त कार्यालय में और ऑनलाइन उपलब्ध होगा. आकलन के बाद एक महीने में मुआवजा दिया जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार