'दो केंद्रीय मंत्रियों, वीसी को बर्ख़ास्त करें'

  • 24 फरवरी 2016
बसपा प्रमुख मायावती. इमेज कॉपीरइट PTI

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को राज्यसभा में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में आत्महत्या करने वाले दलित छात्र रोहित वेमुला का मुद्दा उठाया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल से ही दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा था. इससे तंग होकर इन छात्रों ने आंबेडकरवादी संगठन बनाया.

उन्होंने कहा कि आरएसएस और उसके छात्र संगठन एबीवीपी को यह बर्दाश्त नहीं था और रोहित वेमुला को इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने आत्महत्या कर ली.

उन्होंने मांग की कि इस मामले में केंद्र सरकार के जिन दो मंत्रियों के नाम सामने आए हैं, उन्हें और विश्वविद्यालय के कुलपति और अन्य अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए.

मायावती का आरोप था कि इसके बिना मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है और जांच समिति में एक दलित को भी शामिल किया जाना चाहिए.

इमेज कॉपीरइट AP

उन्होंने सरकार से इस मामले में जबाव देने को कहा. इस पर संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सदन में दो बजे से इस विषय पर चर्चा प्रस्तावित है और सरकार सभी सवालों के जवाब देगी. लेकिन वह चर्चा से पहले किसी सवाल का जवाब नहीं देगी.

इस पर उपसभापति ने नेता विपक्ष से तुरंत चर्चा कराने के बारे में पूछा. इस पर कांग्रेस के गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि अगर सदस्यों को कोई आपत्ति न हो तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

इसके बाद बसपा सदस्यों सरकार विरोधी नारेबाज़ी शुरू कर दी. उपसभापति ने इस विषय पर चर्चा शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन बसपा सदस्य शांत नहीं हुए.

इसके बाद सभापति को सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार