ज्वैलरी, कार, सिगरेट, गुटखा हुए महंगे

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एक अप्रैल के बाद आपको सिगरेट, पान मसाला, सॉफ्ट ड्रिंक, मिनरल वाटर के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ेंगे. इसके अलावा 10 लाख रुपए से अधिक की कारें भी महंगी हो जाएंगी.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को लोकसभा में 2016-17 के लिए बजट पेश किया.

बीड़ी को छोड़कर तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद कर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया गया है.

सोने और हीरे के जवाहरातों पर उत्पाद कर में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.

सॉफ्ट ड्रिंक और मिनरल वाटर भी 3 प्रतिशत तक महंगे किए गए हैं.

10 लाख रुपए से अधिक कीमत की कारों पर अब एक प्रतिशत अधिक कर लगेगा. हालाँकि छोटी कारों को भी नहीं बख्शा गया है और इन्हें सेस के दायरे में लाया गया है.

इसके अलावा 1,000 रुपए से अधिक मूल्य के ब्रांडेड कपड़े और रेडिमेड गारमेंट्स, एल्यूमीनियम फॉइल, एयर टिकट, प्लास्टिक बैग, रोपवे, आयातित कृत्रिम ज्वैलरी, औद्योगिक सोलर वाटर हीटर, कानूनी सेवाएं, आयातित गोल्फ़ कार भी महंगी हो गई है.

लॉटरी टिकट, पैकर्स एंड मूवर्स और सोने की छड़ भी महंगी हो गई है.

जो भी चीज़ें सर्विस टैक्स के दायरे में आती हैं, जैसे होटल में खाना, टिकट बुक कराना, फ़ोन का बिल आदि महँगे हो जाएँगे. सर्विस टैक्स 14.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है.

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जो चीजें सस्ती हुई हैं उनमें चप्पलें, सोलर लैंप, राउटर, ब्रॉडबैंड मॉडेम, सेट टॉप बॉक्स, डिज़िटल वीडियो रिकॉर्डर, सीसीटीवी कैमरा, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन, डायलसिस के उपकरण, 60 वर्गमीटर तक के सस्ते मकान, पेंशन प्लान, माइक्रोवेव ओवन, सैनेटरी पैड्स शामिल हैं.

नए सेस (अधिभार)

क्लीन एनर्जी सेस: कोयला और लिग्नाइट पर अधिभार 200 रुपए प्रति टन से बढ़ाकर 400 रुपए प्रति टन.

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प्रदूषण सेस: छोटी पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी कारों पर 1 प्रतिशत, डीज़ल कारों पर 2.5 प्रतिशत, महंगी कारों पर 4 प्रतिशत.

कृषि कल्याण सेस: सभी सेवाओं पर 0.5 प्रतिशत.

साथ ही सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों द्वारा लगाए गए 13 सेस खत्म कर दिए हैं.

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