बलात्कार पीड़िता के साथ एकजुट पूरा गांव

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बलात्कार जैसी किसी घटना के बाद कई बार ऐसा होता है कि पड़ित परिवार को ही समाज के तिरस्कार का सामना करना पड़ता है या समाज से अलग-थलग कर दिया जाता है.

लेकिन, बिहार में नालंदा के एक गांव की तस्वीर कुछ अलग है.

राष्ट्रीय जनता दल के विधायक राजवल्लभ यादव पर विगत छह फ़रवरी को इस गाँव की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा.

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बलात्कार की बात सामने आने के बाद ज़्यादातर ग्रामीण बिना किसी डर के बिना पीड़िता के परिवार का मजबूती से साथ दे रहे हैं.

50 साल की सुशीला देवी कहती हैं, "हम सब चंदा इकट्ठा कर रहे हैं और दोषी को सजा होना चाहिए."

वहीं 65 साल के कामेश्वर प्रसाद के अनुसार गांववाले परिवार को हताश नहीं होने देंगे और उन्हें समाज का हिस्सा बनाकर रखेंगे.

वहीं गांव की नीलम देवी ने इस प्रकरण पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ही सवाल कर डाला.

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उनके अनुसार, नीतीश कहते हैं कि पढ़ने जाइए लेकिन, लड़कियां बाहर कैसे जाएं? 11 तारीख से लड़की की परीक्षा है. पता नहीं वह परीक्षा कैसे देगी? गांव की लड़कियां भी डर गई हैं.

वहीं युवा ग्रामीण टुनटुन का मानना है कि इस मामले में सरकार नाकाम दिख रही है और अगर कोई आम आदमी होता तो वह प्रशासन के हत्थे कब का चढ़ जाता.

पीड़िता के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. पिता गांव में किराने की छोटी दुकान चलाते हैं.

बलात्कार का आरोप जिस पर लगा है वह राष्ट्रीय जनता दल के विधायक हैं और उनकी गिरफ्तारी घटना के 25 दिनों के बाद भी नहीं हो पाई है.

आरोपों के बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधायक को गिरफ्तार करने का निर्देश दे रखा है.

नालंदा के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष दावा करते हैं कि प्रशासन पीड़िता की हर संभव मदद कर रहा है.

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वह कहते हैं, "जो पहली मेडिकल रिपोर्ट आई थी उसमें इस्तेमाल कुछ शब्दों पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी. उसके बाद सिविल सर्जन के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड गठित किया गया. बोर्ड में शामिल सिविल सर्जन समेत पांच महिला चिकित्सकों ने रिपोर्ट दी जिसमें पीड़िता का आरोप सही पाया गया."

एसपी का कहना है कि विधायक की गिरफ़्तारी के लिए नवादा-नालंदा से लेकर पटना तक उनकी संपत्ति जब्त करने को अभियान चलाया जा रहा है.

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