जेएनयू के लोग नंगे हो चुके हैं: साक्षी महाराज

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गुरुवार रात जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र यूनियन प्रमुख कन्हैया कुमार के दिए गए भाषण पर भारतीय जनता पार्टी नेता साक्षी महाराज ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है.

बुधवार को अदालत ने कन्हैया कुमार को छह महीने के लिए अंतरिम ज़मानत दे दी थी लेकिन ये भी कहा था कि वो कैंपस की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए क़दम उठाएं.

कन्हैया को कृष्ण न बनाया जाए

गुरुवार रात वो न्यायिक हिरासत से विश्वविद्यालय कैंपस लौटे जहां छात्रों ने उनका भव्य स्वागत किया.

कन्हैया कुमार ने अपने भाषण में एक बार फिर भारत को भाजपा, आरएसएस, पूंजीवाद आदि से आज़ादी दिलाने की बात की है. उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मीडिया और राजनीतिज्ञों पर तीखे प्रहार किए.

बीबीसी से बातचीत में साक्षी महाराज ने कहा, माननीय न्यायाधीश प्रतिभा जी ने इन्हें सशर्त ज़मानत दी है. तो इसे वो भी देख रही हैं, सारा देश देख रहा है. भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. तो निर्देश देने के बाद भी अगर आदमी कोई ऐसी बात करता है तो इसमें न्यायालय को हस्तक्षेप करना चाहिए.”

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उन्होंने कहा कि “क़ानून से बड़ा कोई नहीं हो सकता. वो (कन्हैया कुमार) अंतरिम ज़मानत पर निकलकर आए हैं. विवेचना होगी. वो अब जो कुछ करेंगे उसमें वो भी जुड़ेगा. पहले जिसके कारण जेल गए थे और फिर उन्हें अंतरिम ज़मानत दी गई है, अब जो कुछ वो करेंगे क्या उसमें वो जुड़ेगा नहीं वो.”

आरएसएस

विश्वविद्यालय में आरएसएस से आज़ादी के नारों पर साक्षी महाराज ने कहा कि अगर आरएसएस न होता तो भारत कबका ग़ुलाम हो गया होता.

साक्षी महाराज ने कहा, " जेएनयू में जो राष्ट्रविरोधी गतिविधियां होती रहती हैं, उसके लिए वहां के लोग नंगे हो चुके हैं. मीडिया के सामने भी, न्यायालय के सामने भी, राजनीतिक गलियारों में भी, और घर में भी.”

भाजपा नेता ने कहा कि “हमला जेएनयू के ऊपर नहीं है. हमला राष्ट्र की अस्मिता के ऊपर किया गया, और वहां कहा गया, भारत के टुकड़े हों इंशाअल्ला, इंशाअल्ला, पाकिस्तान ज़िंदाबाद, पाकिस्तान ज़िंदाबाद.”

नारे

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जेएनयू छात्र यूनियन के मनुवाद और जातिवाद के खिलाफ़ नारों पर साक्षी महाराज ने कहा, “काहे का जातिवाद है, काहे का मनुवाद है. एक ही घाट पर सब पानी पी रहे हैं, वहीं वाल्मीकि नहा रहा है, वहीं मुसलमान नहा रहा है, वहीं ब्राह्मण नहा रहा है, वहीं क्षत्रिय नहा रहा है. कहां मनुवाद दिखाई दे रहा है? यहां बोलने की आज़ादी है पर इतनी आज़ादी नहीं दी जा सकती कि कोई गलत रास्ते पर राष्ट्र के विरोध में चला जाए.”

छात्रों का ब्राह्मणवाद को लेकर आरोप और ये कि दलित वर्ग के छात्रों को अभी भी परेशानियों का सामना है, साक्षी महाराज ने पूछा, “ये निराधार बाते हैं (कि दलित वर्ग के लोग मुश्किलों में जी रहे हैं) क्या दलित वर्ग के लोगों को स्वतंत्रता दी जाएगी कि वो देश के टुकड़े करने की बात करें वो पाकिस्तान ज़िंदाबाद की बात करें वो, कश्मीर को भारत से निकालने की बात करें?”

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