'मन की बात से ज़्यादा चर्चा कन्हैया की'

जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार इमेज कॉपीरइट Reuters

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने गुरुवार की रात जेल से लौटने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में जो भाषण दिया, सोशल मीडिया ने उसमें काफ़ी दिलचस्पी ली है.

भारत में अंग्रेजी भाषा के साहित्यकार चेतन भगत (@chetan_bhagat) ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री का लोगों से सीधा संपर्क टूट रहा है. जेएनयू के एक युवा छात्र के भाषण की चर्चा मोदी के मन की बात से ज़्यादा हो रही है."

पत्रकार प्रीतीश नंदी (@PritishNandy) ने लिखा, "कन्हैया कुमार का प्रेरणादायक भाषण पूरी दुुनिया के शिक्ष संसथानों के परिसरों में गूंजेगा. यह आज़ादी की आवाज़ है. एक नेता ने जन्म ले लिया है. जो लोग कन्हैया और जेएनयू के दूसरे छात्रों को देश द्रोही मान रहे हैं, वे यह भाषण ज़रूर सुनें. यह नए भारत की आवाज़ है."

अतुल कुलकर्णी ने एनडीटीवी के ट्वीट को ही रीट्वीट किया. इसमे कहा गय था, "पिटाई करने की वकीलों की रणनीति का उलट असर हुआ है. उनकी वजह से एक हीरो का जन्म हो गया है."

पत्रकार अभय दुबे (@roflcritic) ने ट्वीट किया, "#kanhiyakumar के भाषण में नाना पाटेकर का तिरंगा वाला भाषण और धनुष का राँझना फिल्म में दिया भाषण दोनों की ही झलक थी. एक ही तो कला थी भाषण देने की आज एक युवा ने उसमें भी हरा दिया. सत्यमेव जयते."

वहीं संजय राठौड़ ने कटाक्ष किया, "पहली जेल यात्रा के बाद कन्हैया बोला "जय हिन्द " अगली यात्रा के बाद बोलेगा "वन्दे मातरम्‌."

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (@ArvindKejriwal) ने ट्वीट किया, "कन्हैया का भाषण कई बार सुना. विचार की साफ़गोई अद्भुत है और उसे ज़बरदस्त तरीके से रखते हैं. जो बात काफ़ी ज्यादा लोग पहले से ही बोलते आए हैं, कन्हैया ने वही बात कही है. मैंने कई बार बोला था -"मोदी जी, स्टूडेंट्स से पंगे मत लो। मोदी जी नहीं माने."

मनीष सिसोदिया (@msisodia) ने ट्वीट किया, "कन्हैया और जेएनयू ने देश में फर्ज़ी राष्ट्रवादियों की खतरनाक विचारधारा के खिलाफ निर्णायक जंग की उम्मीद जगा दी है."

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