'कन्हैया से क़ानून नहीं हम निपटेंगे'

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Image caption जेल से रिहा होने के बाद कन्हैया कुमार ने गुरुवार को जेएनयू परिसर में ज़ोरदार भाषण दिया था.

दिल्ली पुलिस शहर में जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की हत्या पर 11 लाख रुपए देने बात कहने वाले पोस्टर लगाए जाने के मामले की जांच कर रही है.

इन पोस्टरों पर पूर्वांचल सेना नाम के एक संगठन का नाम लिखा है जिसके अध्यक्ष आदर्श शर्मा ने कन्हैया को गोली मारने वालों को 11 लाख रुपए का इनाम देने का वादा किया है.

पुलिस ने बीबीसी को कहा कि "नई दिल्ली पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच हो रही है."

वहीं आदर्श शर्मा ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "देशद्रोही को क़ानून के भरोसा नहीं छोड़ा जा सकता, इसलिए हम चाहते हैं कि उसे ख़त्म कर दिया जाए."

'इनाम' देने के लिए क्या उनके पास ग्यारह लाख रुपए हैं, इस पर शर्मा का कहना था, "हमने एक भगवा चादर फैलाई है जिसमें देशभक्त दान डालेंगे. इन्हीं पैसों को इनाम में दिया जाएगा."

हालांकि आदर्श शर्मा कन्हैया को व्यक्तिगत रूप से जानने या उनकी नारेबाज़ी ख़ुद सुनने की बात से इंकार करते हैं.

वहीं उत्तर प्रदेश के बदायूं में भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कन्हैया की जीभ काटने पर पाँच लाख रुपये देने की बात कही है.

हालांकि भाजपा युवा मोर्चा के उत्तर प्रदेश महासचिव कुंवर सिंह निषाद ने बीबीसी से कहा, "संगठन ने कुलदीप वार्ष्णेय के बयान का संज्ञान लिया है. हम ऐसे बयान की निंदा करते हैं. किसी भी कार्यकर्ता को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए."

वार्ष्णेय पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा, "अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है. आज संगठन में इस पर चर्चा हुई है. उन पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी."

जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को 12 फरवरी को देशद्रोह के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

उन्हें शुक्रवार को जेल से रिहा किया गया. उन्हें अदालत ने छह माह के अंतरिम ज़मानत पर छोड़ा है.

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