लोकसभा में पारित आधार विधेयक की 5 प्रमुख बातें

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मोदी सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में आधार विधेयक पारित करा लिया है.

आधार विधेयक को स्थाई समिति को भेजने की मांग को ख़ारिज करते हुए लोकसभा में इस पर चर्चा की गई और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इसका उद्देश्य सरकारी पैसे को ज़रूरतमंद लोगों को सब्सिडी के रूप में देना है.

इस विधेयक की 5 प्रमुख बातें.

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1. वित्त मंत्री ने कहा कि आधार कार्ड के ज़रिए एलपीजी ग्राहकों को दी गई सब्सिडी से केंद्र को 15,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है. जिन चार राज्यों ने इसी तर्ज पर पीडीएस सब्सिडी देनी शुरू की है उन्होंने 2,300 करोड़ रुपये से ज़्यादा बचाए हैं.

2. वित्त मंत्री ने कहा कि आधार के डाटा को बिना नागरिक की सहमति के साझा नहीं किया जाएगा और बायोमैट्रिक डाटा को उनकी सहमति के बाद भी साझा नहीं किया जाएगा.

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3. अरुण जेटली ने कहा देश में 97 फ़ीसदी वयस्कों के पास आधार कार्ड है, जबकि 67 प्रतिशत नाबालिगों ने भी आधार कार्ड बनवाए हैं. उन्होंने कहा कि रोज़ 5 से 7 लाख लोग आधार से जुड़ रहे हैं.

4. वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक वित्त विधेयक है. उन्होंने कांग्रेस की आपत्ति को ख़ारिज कर दिया कि सरकार इसे वित्त विधेयक के रूप में इसलिए पेश कर रही है क्योंकि उसके पास राज्यभा में बहुमत नहीं है.

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5. बीजेडी के भर्तहरि महताब ने कहा कि अगर इसी रूप में यह विधेयक पास हो गया तो इससे 'निजता का उल्लंघन' हो सकता है. उन्होंने सरकार से इसे स्थाई समिति को भेजने की मांग की. कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और एआईएडीएमके के पी वेणुगोपाल ने इस बात का समर्थन किया.

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