सुनार मोदी को क्यों याद दिला रहे हैं वो ट्वीट?

  • 12 मार्च 2016
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बजट में प्रस्तावित एक्साइज़ ड्यूटी के ख़िलाफ़ सर्ऱाफ़ा व्यापारियों की हड़ताल लगातार 11वें दिन जारी है. इस दौरान सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना ट्वीट शेयर किया जा रहा है.

28 मार्च 2012 को किए गए इस ट्वीट में नरेंद्र मोदी ने तब गैर ब्रांड ज्वेलरी पर लगाई गई एक्साइज़ ड्यूटी वापस लेने की मांग की थी.

तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी ने इस ट्वीट में लिखा था, "मैंने केंद्र सरकार से गैर ब्रांड ज्वेलरी पर एक्साइज़ ड्यूटी और ज्वेलरी की ख़रीद पर टीडीएस का प्रावधान वापस लेने को कहा है."

तब केंद्र सरकार ने दो लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी ख़रीद पर टीडीएस का प्रावधान किया था. मोदी ने कहा था, "एक प्रतिशत एक्साइज़ ड्यूटी लगाने से देश में इंस्पेक्टर राज लौट आएगा."

मोदी ने यह भी कहा था, "इस क्षेत्र का 90 प्रतिशत आउटपुट लघु उद्योग से आता है और यह सबसे ज़्यादा नौकरियां पैदा करने वाला सेक्टर है."

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ताज़ा बजट में किए गए प्रावधानों को लेकर सर्राफ़ा बाज़ार में रोष है. आगरा में प्रदर्शनकारी सर्राफ़ा व्यापारियों ने 'नमो टी स्टाल' लगाकर प्रदर्शन किया.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "देश के अलग-अलग हिस्सों के ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की जिन्होंने एक्साइज़ ड्यूटी के लघु उद्योग को प्रभावित करने और हज़ारों कारीगरों के सामने रोज़गार का संकट पैदा होने की चिंता ज़ाहिर की."

आम आदमी पार्टी के अधिकारिक अकाउंट से लिखा गया, "गुजरात में मोदी ने इस एक्साइज़ ड्यूटी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी. ऐसा क्या है कि तब ये स्वीकार्य नहीं थी, लेकिन अब है."

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सियोना गोगोई ने ट्विटर पर लिखा, "ग़रीब लोग सारा जीवन बच्चों की शादी के लिए पैसे बचाते हैं. ज्वेलरी पर एक्साइज़ ड्यूटी उन पर एक और बोझ है."

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का 4 अप्रैल 2012 को किया गया एक ट्वीट भी ख़ूब शेयर किया जा रहा है.

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इस ट्वीट में सुषमा ने लिखा था, "हम ग़ैर ब्रांड ज्वेलरी पर एक्साइज़ ड्यूटी हटाने की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में मैंने प्रणब मुखर्जी से मुलाक़ात भी की है."

वहीं सर्राफ़ा व्यापारियों का मानना है कि ग़ैर ब्रांडेड ज्वेलरी पर एक्साइज़ ड्यूटी इस क्षेत्र के व्यापार को भी बड़े उद्योगपतियों के देने की तैयारी का हिस्सा है.

बिजनौर में श्री राधे ज्वैलर्स की मालकिन छवि कौशल कहती हैं, "अंबानी और टाटा जैसे बड़े ब्रांड भी ज्वेलरी क्षेत्र में हैं. सरकार का यह नया क़दम ऐसे ही बड़े उद्योगपतियों की मदद के लिए हैं."

वे कहती हैं, "देश के लाखों सर्राफ़ा व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. दस दिनों से हमारी दुकानें बंद हैं. यह हमारे लिए अच्छे दिन नहीं बल्कि बुरे दिन हैं."

ऑल इंडिया सर्राफ़ा एसोसिएशन उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जैन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "जब तक सरकार एक्साइज़ ड्यूटी में बढ़ोत्तरी को वापस नहीं लेगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी."

ऑल इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र मेहता कहते हैं, "भारत हर साल 900 टन सोना आयात करता है. जिसमें से 550 टन का इस्तेमाल जूलरी बनाने में होता है. ऐसे में सिर्फ़ जूलरी पर ही 1 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी क्यों. सरकार सोना आयात पर एक प्रतिशत आयात ड्यूटी लगा दे. इससे सरकार की कमाई बढ़ेगी और इस पर नज़र रखना भी आसान होगा."

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