जापान में अब भारतीय 'सब्ज़ी की सुनामी'

  • 16 मार्च 2016
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Image caption भारतीय मसालों से बनी जापानी सब्ज़ी

भूकंप अपने साथ तबाही लाता है लेकिन क्या कभी सोचा है कि इस अंधेरे में भी कभी रोशनी की किरण नज़र आती है.

ऐसा ही हुआ 2011 में जब जापान में भूकंप आया था. एक सब्ज़ी जो भारतीय मसालों से बनती है आज वह जापान और जापान के बाहर लोकप्रिय हो रही है. इसका नाम है - ओनागावा करे.

2011 में जापान के पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी भूकंप और सुनामी आई थी. 11 मार्च को उस तबाही के पांच साल पूरे हुए लेकिन आज भी उस समय को जापानी भूले नहीं हैं.

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Image caption आलोक अवस्थी के साथ जापानी बच्चा जो रोज़ अपनी माँ को ढूंढने आता था

जापान के मियागी ज़िले में ओनागावा शहर का सुनामी के हमले से काफ़ी नुक़सान हुआ था, लेकिन यही शहर उसके बाद नई पहचान के साथ सामने आया और उसका भारत से एक कनेक्शन है.

आपदा के बाद भारत सरकार ने एनडीआरएफ़ के 46 जवानों को ओनागावा शहर भेजा. उन्होंने 6 अप्रैल तक वहाँ के नागरिकों की मदद की.

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Image caption कमांडेट आलोक अवस्थी ओनागावा शहर में.

उसी बल के कमांडेंट आलोक अवस्थी बताते हैं कि जापान के मीडिया में ख़बर आई कि भारत से आए सैनिक भारत का मसालेदार खाना खाकर ओनागावा शहर की सेवा कर रहे हैं. आलोक अपने साथ भारत से तैयार खाना ले गए थे.

कमांडेट आलोक अवस्थी के मुताबिक़ ओनागावा शहर के बारे में प्रसिद्ध है कि सर्दी के मौसम में ओनागावा के नागरिकों को गरम खाना मिलना बहुत मुश्किल हो रहा था. कभी-कभी वह अपना खाना वहां के लोगों को खिलाया करते थे, जिसे खाकर लोगों को गर्मी का अहसास होता था.

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Image caption भारतीय तरीके से बनी जापानी करी.

एनडीआरएफ़ टीम अपना काम ख़त्म करके भारत लौट आई, पर पीछे रह गया एक भारतीय सब्ज़ी का स्वाद.

भारत मेहता जापान के कामाकुरा शहर में अपने गुजराती मूल के पिता और जापानी माँ के साथ भारतीय मसालों का कारोबार करते हैं.

उन्होंने बताया कि भारतीय मसालों और जापान में मिलने वाली सब्ज़ी, जिसमें मछली भी होती है, इसे मिलाकर एक सब्ज़ी बनाई जाती है और ओनागावा शहर के लोग उसे चावल के साथ खाते हैं.

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तभी से यह ओनागावा करे के नाम से प्रसिद्ध है. जापानी भाषा में करी को करे कहते हैं.

इस सब्जी में हल्दी, अदरक, धनिया, मिर्च और दूसरे मसालों के साथ मसूर की दाल भी डाली जाती है.

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भारत मेहता बताते हैं कि उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट को नाम दिया ‘दिल से ओनागावा’.

जापान की रहने वाली किकुची हिंदी भाषा की जानकार हैं और भारत के दिल्ली शहर में रहती हैं.

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Image caption तोमोको कीकुची जो दिल्ली में ओनगावा करे बनाती हैं

उनका कहना है, "अब शहर ओनागावा में इस करी को बनाया-बेचा जाता है. अब यह वहां की ख़ासियत बन गई है."

इसी के कारण वहां कई लोगों को रोज़गार मिला. साथ ही, लगभग एक दर्ज़न से अधिक रेस्तरां में यह ओनागावा करे बेची जाती है.

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भारत मेहता बताते हैं, "आज पाँच साल बाद भी ओनागावा शहर में कई समस्याएं हैं, लेकिन इन सबके बीच ओनागावा करे को मैं जापान में प्रसिद्ध करना चाहता हूँ."

वे बताते हैं कि अब वो फ़ूड एक्सपो में इस सब्ज़ी का ज़िक्र ज़रूर करते हैं.

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