अल्लाह के 99 नाम, हिंसा किसी में नहींः मोदी

  • 17 मार्च 2016
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में विश्व सूफ़ी सम्मेलन का आग़ाज़ किया.

गुरुवार को शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय सूफ़ी कॉन्फ्रेंस ऑल इंडिया उलेमा एंड मशरिक बोर्ड करा रहा है और ये चार दिन तक चलेगी.

इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की कही छह ख़ास बातें.

1. इस्लाम का अर्थ वास्तव में शांति होता है. अल्लाह के 99 नाम हैं जिनमें से कोई भी हिंसा का प्रतीक नहीं है. अल्लाह ही रहमान और रहीम है.

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2. ऐसे समय में जब हिंसा की काली छाया लंबी होती जा रही है आप नूर हैं- उम्मीद की रोशनी हैं. आप वह आवाज़ हैं जो राहत देती है. सूफ़ियों के लिए भगवान की सेवा का अर्थ है इंसान की सेवा.

3. यह उन लोगों की सभा है जो शांति, सहनशीलता और प्यार का संदेश देते हैं. आप अलग-अलग जगह से आए हैं लेकिन एक ही संदेश देते हैं. अलग-अलग भाषा है- लेकिन एक ही सूत्र से जुड़े हुए हैं.

4. हमें धर्म और चरमपंथ के बीच गठबंधन को ख़ारिज करना होगा. जो इस गठबंधन को स्वीकार करते हैं वह धर्म के ख़िलाफ़ हैं.

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5. भारत इस्लाम का केंद्र बन रहा है और इसका मुख्य भाव सूफ़ीवाद है. इसने भारत की अलग इस्लामिक विरासत बनाने में मदद की है.

6. कुरान की बात याद रखें कि एक आदमी को मारा तो मानो सबको मार दिया, एक को बचाया तो पूरी मानवता को बचा लिया.

7. विविधता को सिर्फ़ संविधान और कानूनी सरंक्षण की ही ज़रूरत नहीं है बल्कि सामाजिक मूल्य और सबको साथ लेकर चलने वाला शांतिपूर्ण समाज भी चाहिए, जिसमें सभी अपने अधिकारों के प्रति आश्वस्त हों और अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हों.

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