अब पाकिस्तान में ख़ूब उड़ेगा होली का गुलाल

पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार होली के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है.

यह संभव हो पाया है पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ के नेता डॉ. रमेश कुमार वंकवानी की कोशिशों के चलते. नेशनल असेंबली के सदस्य रमेश कुमार वंकवानी ने असेंबली में इसके लिए प्रस्ताव रखा था, जिसे पिछले दिनों स्वीकार कर लिया गया.

उन्होंने इस्लामाबाद से बीबीसी हिंदी से बातचीत में कहा, “मेरा प्रस्ताव स्वीकार हुआ है. जो काम बीते 68 साल में नहीं हुआ, वह काम हो गया. मैंने होली, दीवाली और ईस्टर के दिन छुट्टी के लिए प्रस्ताव रखा था. मैं ने अपने भाषण में इसकी ज़रूरत बताई और दूसरे सभी दलों ने मिलकर इसे सर्वसम्मति से पारित किया.”

प्रस्ताव के पारित होने के बाद पाकिस्तान के सिंध प्रांत ने 24 मार्च को अवकाश घोषित किया है. जिससे यह भ्रम उत्पन्न हो रहा है कि क्या इसे सिर्फ़ सिंध प्रांत में ही लागू किया गया है.

यह पूछे जाने पर रमेश कुमार वंकवानी ने बताया, “होली 23 मार्च को है. इस दिन इत्तेफ़ाक़ से पाकिस्तान में पहले से ही पाकिस्तान दिवस के चलते अवकाश होता है.”

24 मार्च को सिंध प्रांत में घोषित अवकाश का मतलब बताते हुए वंकवानी ने कहा, “पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा हिंदू सिंध में ही रहते हैं. सिंध की कुल आबादी का क़रीब 20 फ़ीसदी हिंदू हैं. यही वजह है कि सिंध प्रांत ने एक क़दम आगे बढ़ाते हुए 23 मार्च को पहले से ही अवकाश को देखते हुए 24 मार्च को भी अवकाश घोषित किया है.”

वंकवानी के मुताबिक़ अब पाकिस्तान में होली, दीवाली और ईस्टर के मौक़े पर सार्वजनिक अवकाश होगा. दरअसल वंकवाणी पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय के लिए इस छुट्टी के लिए पिछले काफ़ी समय से कोशिश कर रहे थे.

उन्होंने बीबीसी हिंदी को बताया, “नेशनल असेंबली में मैंने चौथी बार ये प्रस्ताव रखा था. तीन बार इससे पहले ये पारित नहीं हो पाया था. लेकिन मैं बीते एक-डेढ़ साल से इसके लिए लगातार कोशिश कर रहा था.”

इस प्रस्ताव की रूपरेखा कब बनी और इसके पीछे क्या वजह रही थी, ये पूछे जाने पर वंकवाणी ने बताया, “मैं पाकिस्तानी हिंदू परिषद का मुख्य संरक्षक भी हूं, तो हिंदू समुदाय के लोगों से मिलना जुलना होता रहा है, जहां जाता था, लोग कहते थे कि आप वहां वाहिद सदस्य हो तो कुछ करो, हमारी मांग पारित कराओ. उनकी मांग और मेरी सोच के चलते ही इस प्रस्ताव की रूपरेखा बनी.”

वंकवानी के मुताबिक़ होली, दीवाली और ईस्टर के लिए पूरे पाकिस्तान में एक-एक दिन का अवकाश लागू होगा और इससे अल्पसंख्यक समुदाय को अपने जश्न मनाने का मौक़ा मिलेगा. इसकी शुरुआत इसी होली से हो रही है. वंकवानी कहते हैं कि इस होली में सिंध सहित पूरे पाकिस्तान में जमकर उड़ेगा गुलाल.

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